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एनपीएस धोखा, 13 वर्षों के बाद भी ना तो समय से खाता खुल रहा और ना कटौतियां सुव्यवस्थित

संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया
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उन्नाव

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Narendra Awasthi

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Updated: 5 Sep 2018, 5:33 PM IST

एनपीएस धोखा, 13 वर्षों के बाद भी ना तो समय से खाता खुल रहा और ना कटौतियां सुव्यवस्थित

एनपीएस धोखा, 13 वर्षों के बाद भी ना तो समय से खाता खुल रहा और ना कटौतियां सुव्यवस्थित

उन्नाव. अपनी पुरानी पेंशन की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति आज एक बार फिर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और अपनी 1 सूत्री मांग के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को दिया। अपने ज्ञापन में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने बताया है कि राज्य व केंद्र सरकार को अनेक प्रत्यावेदन और ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन उस पर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया। अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा यह बताया गया है कि इस संबंध में राज्य सरकार निर्णय लेने के लिए सक्षम है। केंद्र सरकार का यह निर्णय विचारणीय है। क्योंकि देश के 4 राज्यों में एनपीएस लागू नहीं की गई है। इस से पुष्टि होती है कि पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय राज्य सरकार स्तर पर ही होना चाहिए।


2005 के उपरांत कर्मचारी शिक्षक दोषपूर्ण व्यवस्था का शिकार

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2005 से लागू की गई एनपीएस की जो दुर्दशा है। उसे बयां नहीं किया जा सकता है। 13 वर्षों के पश्चात ना तो समय से खाते खुले और ना कटौतियां सुव्यवस्थित ढंग से हुई है। 2005 के उपरांत कर्मचारी, शिक्षक दोषपूर्ण व्यवस्था के कारण आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी आकस्मिक या देवीय दुर्घटना पर परिवार का भविष्य सुरक्षित नहीं रह गया है। इन परिस्थितियों में नई पेंशन पाने वाले तथा नई पेंशन लागू होने वालों दोनों का भविष्य अंधकार में है।


हजारों की संख्या में पहुंचे कर्मचारी किया प्रदर्शन

जूनियर शिक्षक संघ के महामंत्री अनुपम मिश्रा ने बताया कि उनका संगठन शुरू से ही पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन था। लेकिन अब इसके पक्ष में अन्य संगठन भी साथ आ गए हैं । पहले लोगों की समझ में नहीं आया। लेकिन जब उन्हें एनपीएस के विषय में जानकारी हुई तो पता चला यह एक धोखा है। मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद जुलूस की शक्ल में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले कई विभागों के कर्मचारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की उनके नारेबाजी में केंद्र और प्रदेश सरकार निशाने पर थे और दोनों ही सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के अध्यक्ष त्रिलोकी वर्मा, उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विवेक तिवारी सहित हजारों की संख्या में शिक्षक कर्मचारी मौजूद थे।

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