
Rakshabandhan special: बारकोड वाली स्पेशल राखियां, स्कैन करने पर बजाते हैं रक्षाबंधन के गाने
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में ऐसी राखियां बिक रही हैं। जिनमें क्यूआर कोड भी लगा है। जिसको स्कैन करते ही भाई बहन के गाने बजाने लगते हैं। इसके अतिरिक्त गाय के गोबर से निर्मित राखी की बिक्री भी हो रही है। इन राखी की खूबी है कि इनका निर्माण किसी न किसी पौधे के बीज से हुआ है। जिन्हें उपयोग करने के बाद गमले में डाल पौधारोपण किया जा सकता है। कलेक्ट्रेट परिसर इसी प्रकार की राखी को बेचने के लिए स्टॉल लगाए गए हैं। जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने भी राखियां खरीदी।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ऋषिराज ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्नाव की बनी रखियो की डिमांड प्रदेश में ही नहीं प्रदेश के बाहर से भी हो रही है। जिसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। खासकर बारकोड इको फ्रेंडली राखी की डिमांड ज्यादा है। जिसको स्कैन करने पर रक्षाबंधन के गाने बजाने लगते हैं।
गाय के गोबर की राखियां
गाय के गोबर से बनी राखियां को भी डिमांड ज्यादा है। समूह की महिलाओं द्वारा विशेष राखियां भी बनाई जा रही हैं। जो तुलसी टमाटर आदि के बीच से बनी है। जिन्हें इस्तेमाल करने के बाद गमले में पौधा रोपण भी किया जा सकता है।
15 दिनों में 45 हजार रुपए की कमाई
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सफलता के विषय में जिला विकास अधिकारी उपयुक्त स्वतः रोजगार संजय पांडे ने बताया कि पिछले 15 दिनों में महिलाओं ने लगभग 45 हजार रुपए का मुनाफा कमाया है। यहां की राखी व अन्य उत्पाद अन्य जनपदों में भी भेजे जा रहे हैं।
आने वाले त्योहारों में लगेंगे स्टॉल
ब्लॉक मिशन प्रबंधक सोनम सिंह चंदेल, संजय राजपूत ने बताया कि आने वाले अन्य प्रमुख त्योहारों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिसके माध्यम से महिलाएं आजीविका कमाएंगी और आत्मनिर्भर बनेगी। जिला मिशन प्रबंधक सुनील प्रताप सिंह व रजीबुल हसन ने बताया कि जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर भी सभी विकास खंडो में समूह की तरफ से स्टॉल लगाए जाएंगे।
Published on:
30 Aug 2023 07:49 pm
बड़ी खबरें
View Allउन्नाव
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
