
जेल में बंद पूर्व राज्य मंत्री और सपा नेता के पुत्र पर बढ़ाई गई दुष्कर्म की धारा, जानें पूरा मामला
दलित युवती के अपरहण और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार ने उस ने राहत की सांस ली। जब आरोपी मंत्री पुत्र व उसके सहयोगी पर रेप का मुकदमा लिख दिया गया। इसके पूर्व पीड़ित परिवार के दबाव और मांग पर पुलिस ने पूर्व राज्य मंत्री के आश्रम को भी सील कर दिया था। पीड़ित परिवार हाई कोर्ट के माध्यम से दलित युवती के शव का तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने का प्रयास कर रही है। जिसका अपरहण बीते 8 दिसंबर को हरदोई पुल के निकट से कर लिया गया था। जिसका शव 10 फरवरी को आश्रम के निकट स्थित खाली प्लॉट से गड्ढा खोदकर निकाला गया था।
घटनाक्रम इस प्रकार है बीते वर्ष 8 दिसंबर को 22 वर्षीय दलित किशोरी का अपहरण कर लिया गया था। पीड़िता की तरफ से 9 दिसंबर 2021 को कोतवाली में शिकायती पत्र दिया गया था। जिस पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी। लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। मामला तब हाईलाइट हुआ जब अप रहित किशोरी की मां ने बीते 24 फरवरी को लखनऊ में अखिलेश यादव की कार के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। मामला चर्चा में आने के बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बना।
यह भी पढ़ें
राजनीतिक गलियारे में भी हलचल रही
विभिन्न राजनीतिक संगठनों द्वारा भी पीड़ित परिवार से मुलाकात और बयानबाजी आने लगे। प्रियंका गांधी, पीएल पुनिया, भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य चर्चित नाम भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं। पुलिस पूर्व राज्य मंत्री व सपा नेता के पुत्र रजोल सिंह और सूरज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन पुलिस पर सवाल उठ रहे थे कि दुष्कर्म की धाराएं क्यों नहीं बढ़ाई गई। अब जाकर परिजन ने राहत की सांस ली जब दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई है।
Updated on:
02 Mar 2022 08:22 am
Published on:
02 Mar 2022 07:58 am
बड़ी खबरें
View Allउन्नाव
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
