प्रस्तुति में परम्परागत कथक के साथ ही रंगमचीय युक्तियों और मार्शल आर्ट का दर्शनीय प्रयोग किया गया। नृत्य कलाकारों अर्चना तिवारी, विकास पाण्डेय, आकृति, काव्या, देवांशी, प्रियंका, शैली, अंशिका, सुमति, मानसी, प्रीति, आरोहिणी, गोबिन्द, अश्विनी ने अपनें भावों और मुद्राओं से दर्शकों को कभी भाव विभोर किया तो कभी रोमांचित और कहीं-कहीं करुणा का अप्रतिम चित्रण कर सबकी आंखें नम की। अवधारणा, परिकल्पना एवं मार्गदर्शन संस्थापक सचिव राट्रीय कथक संस्थान सरिता श्रीवास्तव की रही। संचालन नवल शुक्ला और संस्थान के स्थानीय संयोजक मनीष सिंह सेंगर ने किया। होप फाउन्डेशन से पुनीत अवस्थी, प्रियांशू मिश्रा, अनूप पाण्डेय, मनीा सिंह सेंगर नें संस्थान के सभी कलाकारों को प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सलमान खान, डाॅ. आशीष श्रीवास्तव, पुष्कर तिवारी, एजाज़ कैफ, लक्ष्य निगम, मो. शब्बीर, राहुल कश्यप अनुराग राठौर, सुधा देवी शुक्ला, स्नेहिल पाण्डेय, सुनीत तिवारी, रहमान रुमी आदि सहित सैकड़ों दर्शक और पुलिस विभाग के प्रशिक्षार्थी बार-बार तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। डाॅ. सरिता श्रीवास्तव ने उपस्थित दर्शको का आभार व्यक्त किया।