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राष्ट्रीय कथक समारोह में बही भक्ति की गंगा

‘संगीत उत्सव’ के अन्तर्गत ‘प्रोदेशिक कथक आयोजन’ हुआ।

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UP Patrika

Aug 23, 2016

unnao

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उन्नाव. जिला प्रशासन उन्नाव और होप फाउन्डेशन के सहयोग से संस्कृति विभाग उ.प्र. के राट्रीय कथक संस्थान लखनऊ द्वारा ‘संगीत उत्सव’ के अन्तर्गत ‘प्रोदेशिक कथक आयोजन’ हुआ। पहली प्रस्तुति में ऐ मेरे वतन के लोगों गायिका तनुश्री दास ने, वन्दे मातरम मीना वर्मा ज़िंदगी मौत न बन जाये, मंजूशा मिश्रा ने और कर चले हम फिदा तीनों गायिकाओं नें सामुहिक गान में गाया। जिसमें तबला पर शिव शम्भू कपूर व सिन्थसाईजर पर अविनाश चन्द्र नें संगत कर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

रानी झांसी का बलिदान सर्वोच्च
दूसरी प्रस्तुति नृत्य संगीत नाटिका ‘रानी झांसी की अमर कहानी’ की मनमोहक प्रस्तुति कथक नृत्य शैली में देकर सभी को मंत्रमुग्ध किया। इस प्रस्तुति में आज से लगभग 150 वर्ष पूर्व अंग्रजी शासन के विरुद्ध आज़ादी की जंग का बिगुल पूरे भारत वर्ष में यंत्र-तंत्र बजने लगा। देखते ही देखते पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम छिड़ गया। विदेशी दासता के विरुद्ध भारतीय जीवन के हृदय में धीरे-धीरे खिलाफत की चिंगारी भड़क उठी। जिसकी गूंज ब्रिटिश सरकार तक पहुंच गयी। बुन्देलखण्ड की भूमि रणबांकुरों के खून से सींची, एक पावन धरती है। सम्भवतः यहां की लाल-लाल जमीन इसी तथ्य को द्योतक है। खून से रक्तिम इस धरती को जहां अपनें अनेक वीर सपूतों पर गर्व है, वहीं रानी झांसी का नाम, उनका बलिदान सर्वोच्च माना जाता है। झांसी का गौरवशाली अतीत, वीर सपूतों का उत्कृट एवं रानी झांसी की अमर गाथा को इस प्रस्तुति में समेटने की चेटा की गयी है। नृत्यनाटिका में रानी की बाल्यावस्था से लेकर उनके विवाह एवं तदोपरान्त प्राण आहुति की अमर कहानी है।

अप्रतिम चित्रण पर सबकी आंखें हुईं नम
प्रस्तुति में परम्परागत कथक के साथ ही रंगमचीय युक्तियों और मार्शल आर्ट का दर्शनीय प्रयोग किया गया। नृत्य कलाकारों अर्चना तिवारी, विकास पाण्डेय, आकृति, काव्या, देवांशी, प्रियंका, शैली, अंशिका, सुमति, मानसी, प्रीति, आरोहिणी, गोबिन्द, अश्विनी ने अपनें भावों और मुद्राओं से दर्शकों को कभी भाव विभोर किया तो कभी रोमांचित और कहीं-कहीं करुणा का अप्रतिम चित्रण कर सबकी आंखें नम की। अवधारणा, परिकल्पना एवं मार्गदर्शन संस्थापक सचिव राट्रीय कथक संस्थान सरिता श्रीवास्तव की रही। संचालन नवल शुक्ला और संस्थान के स्थानीय संयोजक मनीष सिंह सेंगर ने किया। होप फाउन्डेशन से पुनीत अवस्थी, प्रियांशू मिश्रा, अनूप पाण्डेय, मनीा सिंह सेंगर नें संस्थान के सभी कलाकारों को प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सलमान खान, डाॅ. आशीष श्रीवास्तव, पुष्कर तिवारी, एजाज़ कैफ, लक्ष्य निगम, मो. शब्बीर, राहुल कश्यप अनुराग राठौर, सुधा देवी शुक्ला, स्नेहिल पाण्डेय, सुनीत तिवारी, रहमान रुमी आदि सहित सैकड़ों दर्शक और पुलिस विभाग के प्रशिक्षार्थी बार-बार तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। डाॅ. सरिता श्रीवास्तव ने उपस्थित दर्शको का आभार व्यक्त किया।