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आय बढ़ाने के लिए खेती को उद्योग का दर्जा दिया जाना आवश्यक – साक्षी महाराज

सब्सिडी के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी.

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Sakshi Maharaj

Sakshi Maharaj

उन्नाव. भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां किसान धरती का सीना चीरकर सोना पैदा करता है। किसानों की मेहनत के कारण हम सभी को भरण पोषण के लिए गेहूं, चावल, दाल मिलता है। उक्त विचार किसान मेले को संबोधित करते हुए सांसद साक्षी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि किसानों की बदहाली दूर करने के लिए इसे उद्योग का दर्जा दिया जाना आवश्यक है। जिससे किसानों की आमदनी दोगुनी हो जाएगी और किसान अपनी फसल की कीमत स्वयं निर्धारित करेगा। मौके पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय सांसद ने कहा कि किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताई जाने वाली उन्नत कृषि तकनीक को अपनाकर कृषक अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। उन्होंने पशुपालन के साथ मेड़ पर वृक्षारोपण करने की सलाह दी। संयुक्त कृषि निदेशक लखनऊ बी के सिसोदिया ने कहा कि जनपद नदी के किनारे एवं ऊसर भूमि होने की वजह से धान गेहूं की उत्पादकता प्रदेश की उत्पादकता से कम है जिन्हें उन्नतशील किसी तकनीकी के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी टी. के. शिबू ने बताया कि कृषक जैविक खेती और कृषि विविधीकरण के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग और पर्याप्त मात्रा में बीज होने व भूमि में गोबर खाद का प्रयोग करने पर बल दिया।

शत प्रतिशत मिल रही है सब्सिडी-

जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि सभी विकासखंडो के राजकीय कृषि बीज भंडार में गेहूं प्रमाणित सभी प्रजातियां उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में किसानों को प्रमाणित बीज की पूरी कीमत देनी पड़ेगी सब्सिडी। उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे पहुंच जाएगी। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में खाद, बीज, एवं कृषि रक्षा रसायन की कोई कमी नहीं है। जो भी किसान पंजीकृत हैं, वह संबंधित है विकासखंड से गेहूं,.चना, मटर, मसूर, सरसो के बीज प्राप्त कर सकते हैं। जनपद में दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन योजना के अंतर्गत शत प्रतिशत अनुदान पर कलस्टर प्रदर्शन हेतु बने बीज उपलब्ध हैं। जो किसान चने का प्रदर्शन करना चाहते हो वह राजकीय कृषि भंडार से चने का बीज प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर उन्होंने किसानों को की आय दोगुनी करने के उपाय बताएं गये। उप कृषि निदेशक ने बताया कि अपनी आय बढ़ाने के लिए अदरक और हल्दी की खेती करें। जिससे आप की आय दुगनी हो सकती है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि प्रदर्शन करने वाले किसानों को पहले पूरी धनराशि देनी होगी। उसके बाद शत प्रतिशत अनुदान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में पहुंच जाएगा।

आवश्यक कागजात के साथ किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराएं-

इस मौके पर राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी अजय पाल ने बताया कि गेहूं के फाउंडेशन बीज 3460 रुपए प्रति कुंतल और प्रमाणित बीज 3260 रुपए प्रति कुंतल दिया जा रहा है जिसमें 1400 रुपए प्रति कुंतल का अनुदान है। इस प्रकार यादी क्रमशा 2060 और 1860 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि किसान को बैंक पासबुक, आधार कार्ड, खतौनी इंतखाब लेकर अपना पंजीकरण कराना होगा। जिसके बाद सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। अजय पाल ने बताया कि फाउंडेशन बीज 3 साल प्रयोग में लिया जा सकता है।

कई जनपद के किसानों ने लिया भाग-

कृषि एवं एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय कानपुर एवं जनपद में स्थापित कृषि विज्ञान केंद्र धनोरा के वैज्ञानिक सहित 11 जनपद फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, हरदोई, लखनऊ के लगभग 22 सौ किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर मोहान विधायक बृजेश रावत पर भी मौजूद थे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अदिति सिंह, निदेशक प्रशासन चंद्रशेखर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर डॉक्टर मनीष गंगवार, कृषि निदेशक डॉक्टर नंदकिशोर, जिला कृषि अधिकारी अतींद्र सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्येंद्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर व जनपद में स्थापित कृषि विज्ञान केंद्र दौरा के वैज्ञानिक मौजूद थे।