
फोटो सोर्स- X Pankaj Gupta and Brijesh Rawat
Dispute between BJP Sadar MLA and Mohan MLA: उन्नाव में भाजपा के दो विधायक जमीन को लेकर आमने-सामने है। विवादित जगह पर सदर विधायक पंकज गुप्ता की बहन दीप्ति गुप्ता सीमेंटेड पीलर खड़ा करवा दी। जिसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे मोहान विधानसभा क्षेत्र से विधायक बृजेश रावत ने पिलर गिरवा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। तनाव देख मौके पर पुलिस पहुंच गई। राजस्व टीम को भी मौके पर बुलाया गया। इस संबंध में बृजेश रावत का कहना है कि 2019 से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। जिस पर स्टे है। इसके बाद भी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ सदर विधायक पंकज गुप्ता ने जिलाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मामला लखनऊ कानपुर हाईवे पर स्थित नवीन सब्जी मंडी के पास की है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भाजपा विधायक बृजेश रावत अपने समर्थकों के साथ नवीन मंडी के पास स्थित ओवर ब्रिज की सर्विस लेन के किनारे पहुंचे, जहां उन्होंने सदर विधायक पंकज गुप्ता की बहन दीप्ति गुप्ता की तरफ से कराए जा रहे निर्माण कार्य को गिरा दिया। इस मौके पर दोनों पक्षों से तनाव भी हो गया। यह जमीन छह बीघा है और इसकी कीमत करोड़ों में है।
बृजेश रावत का कहना है कि यह जमीन उन्हें नाना-नानी से मिली थी, जिसका मामला सिविल कोर्ट में 2019 से चल रहा है। इस मामले में बृजेश रावत के भाई राजेश रावत ने सदर कोतवाली में तहरीर और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
पंकज गुप्ता ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि जमीन संबंधी विवाद उनकी पार्टी के विधायक बृजेश रावत और उनकी बहन दीप्ति गुप्ता के पीछे चल रहा है। संपूर्ण प्रकरण और अभिलेखों का परीक्षण कराकर निर्णय करने का कष्ट करें। इस मामले में कुछ लोग उनका नाम बदनाम कर रहे हैं। बृजेश रावत को उन्होंने अपना साथी बताया और लिखा कि तत्काल भूमि की पैमाइश करवा कर उन्हें कब्जा दिलवा दिया जाए। फिर चाहे उनकी बहन ने कब्जा कर रखा हो।
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने एक्स पर किए पोस्ट में बताया है कि उन्होंने स्वयं जिलाधिकारी को पत्र भेज कर भूमि की पैमाइश करने और कब्जा दिलाने का अनुरोध किया है। इस मामले में साजिश के तहत बेवजह उनका नाम लिया जा रहा है, जबकि उनका कुछ भी लेना-देना नहीं है। उनकी छवि को आघात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुखद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की थी कि अभिलेख साक्ष्य के आधार पर जांच कर अभिलंब निर्णय लिया जाए।
Published on:
06 May 2026 05:03 pm
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