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लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के 8 साल पूरे, जाने अधिनियम के विषय में

- जनपद में हुआ कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत जिसमें निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष का उल्लेख है के विषय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन का आयोजन किया गया। जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों को अधिनियम के विषय में जानकारी दी गई।

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लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के 8 साल पूरे, जाने अधिनियम के विषय में

लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के 8 साल पूरे, जाने अधिनियम के विषय में

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

उन्नाव. लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 को लागू हुए 8 साल हो गए हैं। इस संबंध में विकास भवन सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कार्यालयों में 10 से अधिक कर्मचारी हैं। वहां पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना आवश्यक है। सचिव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं निदेशालय महिला कल्याण उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के 8 वर्ष पूरे होने पर यह कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

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विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव ने कहा कि हम सभी को लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के अंतर्गत अधिकार मिले हैं। जिसके खिलाफ शिकायत की जा रही है। उसे भी अपना पक्ष रखने का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मिलता है। उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों को अधिनियम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जानकारी दी गई कि जहां पर 10 से अधिक कार्मिक कार्य करते है। वहां पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना चाहिए एवं शिकायतों का निस्तारण भी होना चाहिए। इस मौके पर जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। डीएम ने बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में प्रीति सिंह अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण अधिकारी संजय कुमार मिश्रा, प्रीति महिला कल्याण अधिकारी, ज्योति मिश्रा सेंटर मैनेजर वन स्टॉप सेंटर, जिला समन्वयक, 1098 चाइल्ड लाइन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारी एवं जनपद कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।