
अखिलेश यादव के सामने आत्मदाह का मामला: मां ने विवेचना अधिकारी सीओ पर लगा गंभीर आरोप
पिछले 40 दिनों से अपनी बेटी की बरामदगी के लिए एक मां पुलिस की चौखट पर कई बार हाजिरी लगा चुकी थी। बीते 13 दिसंबर 2021 को एसपी को शिकायती पत्र देकर महिला ने बताया था कि शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत कल्याणी देवी सिविल लाइन निवासी सपा नेता फतेह बहादुर सिंह का पुत्र रजोल सिंह उसकी 22 वर्षीय बेटी को उठा ले गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र के अनुसार रजोल सिंह ने फोन करके बेटी को हरदोई पुल के पास बुलाया था। शाम को जब बिटिया वापस नहीं आई तो जानकारी की। बताया गया कि जल्द ही आ जाएगी। लेकिन बिटिया वापस नहीं आई। पूछने पर गाली गलौज और धमकी मिली। लगभग 1 महीने बाद सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एससी एसटी और बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज कर लिया था। विवेचना सीओ सिटी कृपाशंकर को दी गई। लेकिन सीओ सिटी की भूमिका भी जांच में संदिग्ध रही। पीड़ित मां द्वारा लखनऊ में आत्मदाह का प्रयास से उन्नाव पुलिस में हड़कंप मच गया।
10 जनवरी को दर्ज हुआ था सदर कोतवाली में मुकदमा
इस संबंध में मां ने सदर कोतवाली में शिकायती पत्र देखकर बेटी की बरामदगी की मांग की। लेकिन कोतवाली पुलिस ने मामले को गुमशुदगी में दर्ज कर लिया। पुलिस का यह खेल काफी दिनों तक चलता रहा। बीते 10 जनवरी को सदर कोतवाली में मां की तहरीर पर रजोल के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नगर के पास शंकर द्वारा की जा रही है।
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मां ने सीओ सिटी पर लगाया आरोप
इस संबंध में मां का कहना है कि क्षेत्राधिकारी नगर कई बार रजोल को लेकर आए। लेकिन बेटी को वापस करने के लिए रजोल एक-दो हफ्ते का टाइम मांग लेता था। उसकी बातों को पुलिस मानकर छोड़ देती थी। पुलिस का ढुलमुल रवैया देखकर पीड़ित मां लखनऊ सपा कार्यालय पहुंच गई। जहां उसने अखिलेश यादव की कार के आगे पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। मामला लखनऊ पहुंचते ही उन्नाव पुलिस हरकत में आई और रजोल को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी। इस संबंध में एसपी शशि शेखर सिंह ने बताया कि अपहृत किशोरी की बरामदगी के लिए दो टीमों को लगाया गया है। इधर एसपी ऑफिस में मां लगातार सीओ सिटी पर गंभीर आरोप लगा रही थी।
Published on:
25 Jan 2022 08:40 am

