
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 25 फरवरी 2017 को हुई लूट और हत्या के मामले में एडीजे 3rd की अदालत ने चार को दोषी माना। सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अर्थ दंड भी लगाया है। मृतक सोने चांदी की दुकान चलाता था। रात में अपनी दुकान बंद कर रोज की तरह घर वापस जा रहा था। रास्ते में गोली मार कर जेवर से भरा बैग लूट ले गए थे। इस संबंध में पुलिस ने विवेचना के दौरान लूट के माल सहित चार को गिरफ्तार किया था। मामला सफीपुर कोतवाली क्षेत्र का है।
दानिश अंसारी पुत्र परवेज अंसारी निवासी सफीपुर ने थाना में तहरीर देकर बताया था कि उनके सगे चाचा अंजुम अंसारी पुत्र फिरोज आलम निवासी मोहल्ला किला बाजार थाना सफीपुर राहत गंज बड़ी बाजार में सोने चांदी की दुकान किए थे। रोज की तरह 25 फरवरी 2017 को दुकान बंद कर घर वापस आ रहे थे। उसी समय रास्ते में पल्सर मोटरसाइकिल से आए तीन व्यक्तियों ने सीने में गोली मार कर 10 लाख रुपए कीमत के जेवरों से भरा बैग लेकर भाग गए।
घटना के समय मौके से बाबर अली सफी और दानिश अंसारी भी बस स्टाफ की तरफ जा रहे थे। उन्होंने घायल अंजुम अंसारी को सफीपुर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी मौत हो गई। अपनी तहरीर में उन्होंने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी। विवेचना के दौरान चार लोगों के नाम सामने आए। जिनमें शहजाद, मनीष राजपूत, आशु उर्फ सुमित गुप्ता, कुलदीप उर्फ अजय शामिल है। पुलिस ने लूट गया माल भी बरामद कर लिया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे 3 की अदालत ने शहजाद पुत्र भोले निवासी बसली पुर थाना चौबेपुर कानपुर नगर हाल पता जमाल नगर थाना सफीपुर को 120बी और आईपीसी की धारा 302 का दोषी माना। जिसपर 20 हजार का अर्थदंड और आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आईपीसी की धारा 394 के अंतर्गत 7 वर्ष की सजा और 10 हजार का जुर्माना, आईपीसी की धारा 411 के अंतर्गत 2 वर्ष की सजा 5 हजार रुपए का जुर्माना, 201 के अंतर्गत 5 वर्ष का कारावास और 5 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। अदालत ने सभी सजा 7 चलने का आदेश दिया है।
अदालत ने मनीष राजपूत पुत्र मद्रासी निवासी काज़ीखेड़ा राजेंद्र नगर चकेरी, आशु उर्फ सुमित गुप्ता पुत्र मूलचंद निवासी काजी खेड़ा चकेरी कानपुर नगर, कुलदीप उर्फ अभय पुत्र रघुनाथ निवासी मदनापुर थाना कोतवाली तिर्वा कन्नौज शामिल है। जिन्हें भी 120 भी और 302 आईपीसी की धारा के अंतर्गत 20 हजार का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आईपीसी की धारा 394 के अंतर्गत 7 वर्ष और 10 हजार का जुर्माना आईपीसी की धारा 411 में 2 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अदालत की अरदास आदेश सुनाए जाने में अभियोजन विभाग से एडीसी विनय शंकर दीक्षित, विवेचक निरीक्षक संजय कुमार पांडे का विशेष योगदान था।
Published on:
28 Oct 2024 07:56 pm

बड़ी खबरें
View Allउन्नाव
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
