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Unnao news: अमृत पेयजल योजना, आगरा की फर्म पर बड़ी कार्रवाई, 15 दिन का दिया गया समय

अमृत पेयजल योजना के फर्म पर डीएम ने एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। 15 दिन के अंदर कार्य पूरा नहीं किया तो मुकदमा भी दर्ज होगा। एडीएम के नेतृत्व में बनाई गई जांच टीम के रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है।

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Unnao news: अमृत पेयजल योजना, आगरा की फर्म पर बड़ी कार्रवाई, 15 दिन का दिया गया समय

Unnao news: अमृत पेयजल योजना, आगरा की फर्म पर बड़ी कार्रवाई, 15 दिन का दिया गया समय

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अमृत पेयजल योजना शुरुआती दिनों से ही विवादों में है। पेयजल योजना के लिए डाली गई पाइप लाइन टेस्टिंग में फेल हो रही है, तो अब जिला प्रशासन ने आगरा के ठेकेदार के ऊपर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना जांच कमेटी के रिपोर्ट के बाद डीएम ने लगाया है। 2018 में शुरू हुई 353 करोड रुपए की योजना से अभी भी जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है।

डीएम अपूर्वा दुबे ने शिकायत मिलने के बाद जल निगम से अमृत पेयजल योजना के अंतर्गत किए गए कार्य की रिपोर्ट मांगी। जल निगम ने मैसर्स ओपी गुप्ता कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से उनके द्वारा कराए गए कार्यों के विषय में जानकारी मांगी। कार्यदाई संस्था से मिली जानकारी डीएम को दी गई। जिसमें 180 सड़कों के मरम्मत की जानकारी थी।

सात सदस्यीय समिति बनाई गई

डीएम ने सूची में शामिल 180 सड़कों की जांच के लिए एडीएम न्यायिक विकास कुमार के नेतृत्व में 7 सदस्यीय समिति बनाई। समिति की जांच में घोर अनियमितताएं और लापरवाही निकलकर सामने आई। जिन 180 सड़कों की जानकारी फर्म द्वारा दी गई थी। जांच में पाया गया कि उनमें से 30 सड़कें ऐसी हैं। जिन पर कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त जिन सड़कों पर मरम्मत कार्य हुआ है। वह भी धंस चुकी थी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई

समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। जल निगम नगरीय अधिशासी अभियंता सुनील कुमार सिंह को फर्म के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर अधिशासी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता लखनऊ को जांच आख्या के साथ फर्म के विरुद्ध कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी। फर्म के खिलाफ एक करोड़ रुपए जुर्माना लगाने की संस्तुति की।

15 दिन का दिया गया समय

रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षण अभियंता ने मैसर्स ओपी गुप्ता कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड आगरा पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना और 15 दिन का समय दिया। 15 दिनों में चिन्हित किए गए सड़कों का गुणवत्तापूर्ण कार्य कराएं। यदि ऐसा नहीं होता है तो अब फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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जांच कमेटी के सदस्य

जांच कमेटी में एडीएम न्यायिक विकास कुमार सिंह के साथ नगर मजिस्ट्रेट, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, जल निगम के अधिशासी अभियंता और सिंचाई खंड, नगर पालिका के प्रशासक और अधिशासी अधिकारी शामिल थे।