
Unnao Rape Case - सीबीआई जांच रिपोर्ट गलत, आईएएस आदित्य सिंह को सरकार की क्लीन चिट
उन्नाव. सीबीआई ने डीएम को दोषी माना तो राज्य सरकार ने निर्दोष बताते हुए कहा कि सीबीआई ने अपनी जांच गंभीरता से नहीं की। डीएम को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। शासन ने इसे द्वेष पूर्ण और निराधार जांच रिपोर्ट मानते हुए कहा कि डीएम की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। गौरतलब है सीबीआई ने कुलदीप सिंह सेंगर गैंग रेप मामले में तत्कालीन डीएम अदिति सिंह, पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि, एसपी नेहा पांडे, एसपी अष्टभुजा प्रसाद सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। सीबीआई का कहना था कि उपरोक्त अधिकारियों ने गैंगरेप पीड़िता व उसके परिवार वालों के साथ न्याय नहीं किया।
राज्य सरकार की क्लीन चिट
राज्य सरकार ने तत्कालीन डीएम अदिति सिंह को क्लीन चिट देते हुए बताया है कि दुष्कर्म पीड़िता या उनका परिवार कभी भी शिकायती पत्र लेकर डीएम के पास नहीं गया। 15 अक्टूबर 2017 को आईजीआरएस के माध्यम से पहली बार डीएम को शिकायत मिली थी। जिसकी जांच के लिए 19 अक्टूबर 17 को उन्होंने एसपी को शिकायती पत्र फॉरवर्ड कर दिया गया था। 25 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए सीओ सफीपुर दे दी। जांच के दौरान 19 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के बीच पीड़िता या पीड़िता का परिवार या विवेचना अधिकारी, पुलिस अधिकारी द्वारा इस बात की शिकायत नहीं की गई कि उनकी जांच में हस्तक्षेप किया जा रहा है। 25 अक्टूबर को अदिति सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया। अदिति सिंह आज हापुड़ के जिलाधिकारी है।
अदिति सिंह का जवाब
शासन के अनुसार आदित्य सिंह ने कहा है कि बीते 3 साल में एक बार भी सीबीआई ने इस प्रकरण से संबंधित मामले में कोई पत्राचार नहीं किया है और ना ही उन्हें बुलाया है। उन्होंने शासन को बताया कि पुष्पांजलि सिंह के साथ किसी प्रकार का प्रशासनिक कार्य नहीं किया है। उनके स्थानांतरण के बाद पुष्पांजलि सिंह ने उन्नाव में ज्वाइन किया था।
Published on:
30 Sep 2020, 11:17 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.