UP government big gift to child labourers यूपी सरकार बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने के लिए बाल श्रमिक विद्या योजना चल रही है। जिसके अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार से 12 सौ रुपए और 6 हजार की अतिरिक्त धनराशि भी दी जाती है।
प्रदेश सरकार ने बाल श्रमिकों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बाल श्रमिक विद्या योजना चला रही है। जिसके अंतर्गत बाल श्रमिकों को 1000 से 1200 रुपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। बाल श्रमिकों को चिन्हित कर शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ रही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार से संचालित विभिन्न योजनाओं से भी उन्हें लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत प्रोत्साहन के रूप में 6 हजार और दिए जाते हैं।
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बाल श्रमिकों को चिन्हित करने का विशेष अभियान चल रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे बाल श्रमिक जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या फिर वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो, जिससे कार्य करने की स्थिति में नहीं हो को बाल श्रमिक विद्या योजना का लाभ दिया जाएगा। जिसके अंतर्गत ऐसे कामकाजी लड़कों को 1000 रुपए और बालिकाओं को 1200 रुपए की मदद दी जाती है।
इसके साथ ही कक्षा 8, 9 और 10 तक शिक्षा प्राप्त करने वाले लाभार्थी कामकाजी बालक-बालिकाओं, किशोर-किशोरियों को योजना के अंतर्गत अतिरिक्त धनराशि दी जाती है। जिसके अंतर्गत कक्षा 8 पास करने पर 6000 रुपए प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है। 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दो हजार कामकाजी किशोर-किशोरियों को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3 करोड़ रुपए आवंटित किया गया है। यह रुपए बालक-बालिकाओं की शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है।