
गायत्री परिवार महिला मंडल द्वारा आयोजित यज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब
उन्नाव. गायत्री परिवार महिला मंडल द्वारा तीन दिवसीय पंच कुंडीय महायज्ञ एवं युग निर्माण सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया आयोजन के प्रथम दिन कलश यात्रा निकाली गई। जो गांव के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गुजरी। कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने गांव में स्थित मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की। गायत्री मंदिर के आचार्य रेवाशंकर दीक्षित ने इस मौके पर मौजूद लोगों से दुर्व्यसनों को छोड़ने की अपील की साथ ही गायत्री शक्तिपीठ द्वारा निर्मित फिल्म को दिखाया जिसमें बताया गया था कि शराब दुर्व्यसनों के नशे में लोक किस प्रकार अपनी आप परिवार की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। यज्ञ के तीसरे दिन दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में दीप जलाए गए।
पंच कुंडी यज्ञ में बढ़-चढ़कर ग्रामीणों ने लिया भाग
कार्यक्रम के आयोजक मालती शुक्ला नीलम श्रीवास्तव व उनकी टोली के अन्य महिला सदस्यों द्वारा यज्ञ की अच्छी व्यवस्था की गई। जिसमें गांव के सभी वर्गों के लोगों ने हवन में भाग लिया और आहुति दी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के बैनर तले नवाबगंज विकासखंड के पैंथर गांव में पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया यज्ञशाला में विधि विधान से आकाश पृथ्वी वायु अग्नि व वरुण का आह्वान करते हुए पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर योग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा व माता भगवती देवी के साथ गायत्री माता का भव्य दरबार सजाया गया था।
एक छोटा सा दीपक अग्नि को आलिंगन कर दूसरों को देता है प्रकाश
संध्या बेला में आयोजित कार्यक्रम को गुरुदेव के विचारों से अवगत कराते हुए रेवाशंकर दीक्षित ने कहा कि मिट्टी को जीवन का आदर्श बनाने का प्रयास किया गया है। एक छोटा सा मिट्टी का दीपक घड़े के ऊपर सजा कर रखा जाता है। दीपक में चिंता रूपी बाती रखी जाती है, जिसमें घी भरा जाता है, वह दीपक अग्नि को आलिंगन करने के बाद प्रज्वलित होता है, तो ज्ञानरूपी प्रकाश का निकलता है। स्वयं जलकर, तिल तिल जल कर यह दीपक दूसरों को आनंदित करता है। दीपक जहां भी जलता है। वहां प्रकाश ही होता है। दीपक जहां भी जलेगा, वहां अंधकार नहीं रह सकता है। दीपक हम सब के लिए वंदनीय है। उन्होंने गुरुदेव के विचारों को सबके सामने रखते हुए कहा कि एक छोटा सा दीपक मनुष्य के लिए आदर्श बन सकता है।
दीप उत्सव कार्यक्रम प्रेरणा स्रोत
उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने दीप शिखा, दीप महायज्ञ का शुभारंभ किया। गायत्री परिवार द्वारा शुरू किया गया दीप उत्सव कार्यक्रम एक प्रेरणा स्रोत है। क्या मनुष्य दीपक की तरह अपना आचरण नहीं कर सकता है। मनुष्य यदि दीपक से प्रेरणा लेता है तो उसका जीवन सार्थक हो जाता है। इस मौके पर दीप यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में दीपक जलाए गए जिसमें गांव के सभी वर्गों की महिलाओं ने भाग लिया जो अपने घरों से 5 दीपक बनाकर लाई थी और एक यज्ञशाला में दीप यज्ञ मैं सहभागिता की।
महिला मंडल द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम
कार्यक्रम में सीतापुर से आए अजय अवस्थी जटा शंकर पांडे रमाशंकर शुक्ल ने भी अपने विचार रखे इस मौके पर डी एस एन कॉलेज उन्नाव गायत्री परिवार महिला मंडल की नीलम श्रीवास्तव, विमला मिश्रा, मालती शुक्ला, मालती सिंह, रानी त्रिपाठी, नीलम सिंह, आशा शुक्ला, मीरा सिंह, किरण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार से जुड़े भक्तगण शामिल थे। कार्यक्रम के अंतिम दिन भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें लोगों ने प्रसाद चखा। गौरतलब है नवाबगंज विकासखंड के गांव पैंथर में दूसरी बार पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया इस मौके पर गांव के भी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
Updated on:
13 Jun 2018 08:49 pm
Published on:
12 Jun 2018 09:22 pm
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