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योगी शासन की पुलिस – हत्या हो या रेप पुलिस समझौता के लिए बनाती है दबाव, वरना जेल डालने की देती है, धमकी

मृतक परिजनों का सवाल - दरोगा क्यों रोक रहा है जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलने से, मासूम की मौत के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान

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मृतक परिजनों का सवाल

योगी शासन की पुलिस - हत्या हो या रेप पुलिस समझौता के लिए बनाती है दबाव, वरना जेल डालने की देती है, धमकी

उन्नाव. मासूम की हत्या का खुलासा ना होने और परिवारी जनों को पुलिस द्वारा परेशान किए जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीण के साथ माता पिता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच उन्होंने हत्यारों को पकड़कर फांसी दिए जाने की मांग की है। जिलाधिकारी की अनुपस्थित में मृतक मासूम के माता पिता प्रशासनिक अधिकारी को अपना शिकायती पत्र सौंपा। जिलाधिकारी कार्यालय के बाद ग्रामीण के माता पिता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां भी पुलिस अधीक्षक से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन देकर उन्होंने अपनी मांग को रखी। इस मौके पर मृतक के माता पिता ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली शुरू से संदिग्ध लग रही है। उन्होंने विस्तार से हलका चौकी इंचार्ज की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई। उन्होंने कहा कि हलका दरोगा के मोबाइल से मासूम की हत्या के विषय में काफी कुछ निकल कर सामने आ सकता है। ग्राम वासियों ने मासूम के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। एक हफ्ते के अंदर गिरफ्तार न किए जाने पर धरना प्रदर्शन कर कानपुर लखनऊ हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है।


पुलिस की भूमिका संदिग्ध, ग्रामीणों में रोष

अचलगंज थाना क्षेत्र के ओरहर बस्ती खेड़ा गांव में राजेश कुमार पुत्र राम अवतार का 6 वर्षीय पुत्र शिवम विगत 6 अक्टूबर कि शाम को खेलने के लिए निकला था। लेकिन वापस नहीं लौटा।अपनी शिकायती पत्र में राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 100 नंबर डायल किया। लेकिन बात होने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मद्दी खेड़ा पुलिस चौकी थाना अचलगंज को फोन करके घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने गांव के कुएं, तालाब, जंगल सहित पूरे गांव में खोजबीन की। लेकिन शिवम नहीं मिला। बाद में अचलगंज थाना पुलिस भी पहुंचती है लेकिन शिवम को खोज नहीं पाई। दूसरे दिन 7 अक्टूबर को पुलिस संदिग्ध परिस्थितियों में शिवम के शव को लेकर घर पहुंचती है। जिसके कान के नीचे खरोच लगा हुआ था। गले में कपड़ा डालकर उसकी निर्मम हत्या की गई थी। जिसका निशान भी शिवम के गले में पड़ा था। परिजनों के आक्रोश को देख कर पुलिस ने शिवम के माता-पिता व ग्रामीणों को दबाव में लेने का प्रयास किया और कहा बात आगे बढ़ाई तो तुम सबको शक के आधार पर जेल पर डाल दूंगा। पुलिस शव को बिना पंचनामा किए कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए ले जाती है। पोस्टमार्टम हाउस में शव का पंचनामा भरा जाता है। पुलिस की इस कार्रवाई से परिजनों के साथ ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।


बात बढ़ाई तो जेल में डाल दूंगा

राजेश ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय कहा था कि अगर बात बढ़ाई तो तुम्हें भी शक के आधार पर जेल पर डाल दूंगा। उन्होंने कहा कि आज जब सुबह ट्रैक्टर ट्राली में आक्रोशित परिजनों और ग्रामीण उन्नाव जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलने आ रहे थे। तो रास्ते में दरोगा प्रमोद यादव के साथ कांस्टेबल आदि ने पहले तुर्कमाननगर में उन्हें रोकने का प्रयास किया, उसके बाद सदर कोतवाली क्षेत्र के क्लासिक बेकरी के पास रोक लिया। पुलिस का कहना था कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन ना दे दो। जिसके कारण पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। राजेश ने हल्का दरोगा प्रमोद यादव के मोबाइल डिटेल खंगालने मांग की। उन्होंने कहा कि यदि एक हफ्ते के हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो वह लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर देंगे। ज्ञापन देने वालों में परिजन के माता पिता परिजन व बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।