
प्रतिकात्मक फोटो।
गाजियाबाद में तैनात जीएसटी अधिकारी ने सगाई के बाद पलट गया। सगाई में उसने 30 लाख रुपये लिए। इसके बाद दहेज में 50 लाख रुपये की डिमांड की। रुपये नहीं मिलने पर अधिकारी और उसके परिवार ने रिश्ता तोड़ दिया और दूसरी शादी की तैयार कर ली। मामले की जानकारी होने पर युवती के पिता ने चिनहट कोतवाली में जीएसटी अधिकारी, उसके पिता और भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
चिनहट निवासी पिता ने बेटी का रिश्ता अयोध्या देवगढ़ निवासी सचिन सिंह से तय किया था। सचिन गाजियाबाद में सीटीओ के पद पर तैनात है। पीड़ित पिता के मुताबि, शादी में 51 लाख रुपये और क्रेटा देने की बात तय हुई थी। सगाई से पहले 30 लाख रुपये सचिन सिंह के चाचा विनीत सिंह के सामने दिए गए। 20 अप्रैल 2024 को आजमगढ़ स्थित होटल ग्रांड एसआर में बरीक्षा और गोदभराई की रस्में हुई। शादी की तारीख 23 नवंबर 2024 तय हुई थी। जिसके लिए लड़की के पिता ने इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान दो लाख 54 हजार रुपये देकर बुक कराया था।
सगाई के बाद अचानक से सचिन सिंह और उसके परिवार ने दहेज में 50 लाख रुपये की मांग कर दी। अचानक से इतनी बड़ी रकम देना सम्भव नहीं था। बातचीत करने पर आरोपित के परिवार ने कहा कि दूसरे लड़की वाले एक करोड़ रुपये देकर शादी करने को तैयार हैं। यह बात कहते हुए वर पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया।
बेटी का रिश्ता टूटने से परिवार वाले काफी परेशान है। आरोप है सचिन सिंह के परिवार ने सगाई के पहले दिए गए 30 लाख रुपये भी नहीं लौटाए। इस बीच दूसरी जगह रिश्ता तय कर लिया। आठ मई 2025 को अर्जुनगंज के अमारा रिसार्ट से शादी होनी है। लड़की के पिता ने पुलिस कमिश्नर से मिल कर शिकायत की। जिनके निर्देश पर चिनहट कोतवाली में सचिन सिंह, पिता विनोद सिंह व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
Updated on:
04 May 2025 08:26 am
Published on:
04 May 2025 08:12 am
बड़ी खबरें
View Allयूपी न्यूज
ट्रेंडिंग
