
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में तीन दिवसीय जी-20 समिट के दूसरे दिन जी-20 देशों के 200 डेलीगेशंस ने भारत के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।

दुनिया की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले जी-20 देशों के प्रतिनिधियों ने आज हुई बैठक में भारत की वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को आत्मसात करते हुए रखे गए भारत के प्रस्ताव एक धरती, एक परिवार और एक भविष्य पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सहमति जताई।

सोमवार को पंडित दीन दयाल हस्तकला संकुल में शुरू हुई बैठक में जी-20 देशों के प्रतिनधियों ने शिरकत की। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की।

इसके पहले प्रधानमंत्री ने इस प्रोग्राम में वर्चुअली जुड़कर अपना सन्देश दिया और काशी का गुणगान किया।

बैठक में साऊथ ग्लोब यानी दक्षिणी गोलार्ध सहित दुनिया के सभी देशों की चुनौतियों पर चर्चा की गई। जी-20 देशों के प्रतिनिधियों ने एक भविष्य, एक पृथ्वी और एक परिकल्पना पर बात की।

इस बैठक में दुनिया के उन देशों की मदद का प्रस्ताव रखा गया जहां कोरोना महामारी के बाद की स्थिति, जलवायु परिवर्तन से दिक्कते आईं हैं।

इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भारत सहित विकासशील देश पर्यावरण संरक्षण में ज्यादा प्रभावी भूमिका निभाएंगे और काम करेंगे।