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DM को भारी पड़ा एक्सईएन का निलंबन, शासन ने कर दी बड़ी कार्रवाई, पद से हटाई गईं IAS नेहा प्रकाश

यूपी के औरैया जिले की डीएम को लोक निर्माण विभाग के अधीशाषी अभियंता के निलंबन की संस्तुति करना भारी पड़ गया। जिसके बाद शासन ने उनके खिलाफ एक्शन लिया और उन्हें भी डीएम पद से हटा दिया गया है। चर्चा है कि एक्सईएन के आरोपों के बाद डीएम के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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लखनऊ

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Krishna Rai

Jun 26, 2024

IAS TRANSFER: लगभग छह दिन पहले डीएम औरैया नेहा प्रकाश ने लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अभिषेक यादव पर कार्यों में शिथिलता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की संस्तुति कर दी थी। जिसके बाद एक्सईएन ने डीएम नेहा प्रकाश को निशाने पर लिया था और उन्होंने प्रमुख सचिव पीडब्लूडी से 76 पेज के पत्र में डीएम के खिलाफ शिकायत भेजी थी। जिसके बाद औरैया की डीएम नेहा प्रकाश को वहां से हटा दिया गया। चर्चा है कि एक्सईएन की शिकायत के बाद शासन ने आईएएस नेहा प्रकाश के खिलाफ कार्रवाई की।

एक्सईएन ने डीएम पर लगाया बड़ा आरोप
डीएम द्वारा एक्सईएन अभिषेक यादव के निलंबन की संस्तुति किए जाने के बाद एक्सईएन अभिषेक ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव से 76 पेज का पत्र लिखकर डीएम की शिकायत की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम आवास में स्वीमिंग पुल और सडक़ न बनाने पर उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है। उनके खिलाफ डीएम द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट गलत है। वहीं आईएएस नेहा प्रकाश ने आरोपों को गलत बताया और कहा कि आवास निर्माण कानपुर के ठेकेदार करा रहे हैं, उससे एक्सईएन का कोई लेनादेना नहीं है।

एक्सईएन के खिलाफ डीएम ने भेजी थी यह रिपोर्ट
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन के खिलाफ शासन को भेजी गई रिपोर्ट में आईएएस नेहा प्रकाश ने अधिकारियों कर्मचारियों के आवासों के निर्माण में लापरवाही, चुनाव के कार्यों में हीलाहवाली, मानक विहीन निर्माण कार्य, बिना सूचना के अनुपस्थित रहने जैसे कई आरोप लगाए थे।

एक्सईएन ने अपनी सफाई में बताई बड़ी बात
एक्सईएन ने डीएम द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए लिखा है कि डीएम द्वारा 2 करोड़ 98 लाख रूपए 84 लाख रूपए अधिक खर्च किए गए हैं। कमरे, किचन और बाथरूम में कई गुना मंहगे सामान लगवाए गए हैं। डीएम ने उनसे मौखिक रूप से कहा था कि आवास के अंदर स्वीमिंग पुल और आंतरिक मार्ग बनवा दें। जिसे मना करने पर डीएम ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त करना शुरू कर दिया था। हालाकि इस मामले में किसका आरोप सही है, यह शासन अपने स्तर पर जांच का विषय माना जा रहा है।