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औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज, बीडा ने मठ-परासई में जमीन अधिग्रहण शुरू किया

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए मंगलवार से ग्राम मठ और परासई की जमीनों के बैनामे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया पहले से ही छह गांवों में चल रही है, जिनकी 400 हेक्टेयर से अधिक जमीन बीडा के नाम दर्ज की जा चुकी है।

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बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा)

Bundelkhand Industrial Development Authority (BIDA) - Photo: Social Media

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) अपने महत्वाकांक्षी औद्योगिक विकास योजना के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीडा ने 33 गांवों से 14,225 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, बीडा ने मठ और परासई गांवों में जमीनों के बैनामे शुरू कर दिए हैं। अब तक, बीडा ने छह गांवों से 400 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया है।

33 गांवों की 14,225 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है

बीडा को कुल 33 गांवों की 14,225 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। जमीनों के बैनामों की शुरुआत आठ फरवरी को ग्राम सारमऊ से हुई थी। इसके बाद अंबावाय, राजापुर, बैदोरा, किल्चवारा खुर्द और ढिकौली की जमीनें ली गईं। अब तक इन गांवों की 422 हेक्टेयर जमीन बीडा के नाम दर्ज की जा चुकी है।

अन्य गांवों की जमीनों के बैनामे की भी शुरुआत होगी

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि मठ और परासई की जमीनों के बैनामे मंगलवार से शुरू हो चुके हैं। और भी तैयारियां पूरी कर ली गई है। जल्द ही अन्य गांवों की जमीनों के बैनामे की भी शुरुआत होगी।

मुख्य बिंदु

  • बीडा के लिए मठ और परासई गांवों की जमीनों के बैनामे मंगलवार से शुरू होंगे।
  • अब तक छह गांवों की 400 हेक्टेयर से अधिक जमीन बीडा के नाम दर्ज की जा चुकी है।
  • बीडा को कुल 33 गांवों की 14,225 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है।
  • जमीनों के बैनामे की शुरुआत आठ फरवरी को ग्राम सारमऊ से हुई थी।
  • जल्द ही अन्य गांवों की जमीनों के बैनामे की भी शुरुआत होगी।