
उत्तर प्रदेश के जनपद एटा में सिरफिरे आशिक ने बाप और बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। वही मां गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना मिलने के बाद डीआईजी समेत पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचें और मृतक बाप बेटी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सिरफिरे आशिक के द्वारा की गई बाप बेटी की हत्या के बाद गांव नगला वलु में इस दोहरे हत्याकांड के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
इस दौरान सांसद, विधायक व पूर्व मंत्री पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। परिवार के लोगों ने जनप्रतिनिधियों के सामने अपने 7 मांगे रखी और विधायक द्वारा हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद ही पोस्टमार्टम के बाद मृतक बाप-बेटी के शवों को गांव ले जाया गया। ग्रामीणों के आक्रोश के बीच दोनों लाशों को श्मशान घाट ले जाया गया जिसके बाद श्मशान घाट में एक साथ बाप-बेटी की चिताएं जलाई गई।
आपको बता दें यह घटना उत्तर प्रदेश के जनपद एटा की है। जहां देर रात सिरफिरा आशिक अपनी महबूबा के घर पहुंच गया । जिसके बाद सिरफिरे आशिक ने लोहे के बेलचा से पिता अंतराम ओर उसकी बेटी तनीषा की पीट पीटकर हत्या कर दी। वही पति और बेटी की हत्या होते देख मौके पर पहुंची माँ फूलश्री पर भी लोहे के बेलचे से वार करके लहूलुहान कर दिया। जिसके बाद गंभीर रूप से घायल मृतक की पत्नी फुलश्री को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया है। जहां फूलश्री मेडिकल कॉलेज के वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
सिरफिरे आशिक के द्वारा बाप बेटी की निर्मम हत्या किए जाने के बाद नगला वलु गांव में ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तो वहीं इस हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र मे आक्रोश फैल गया है । मामले को गंभीरता से लेते हुए अलीगढ़ रेंज के डीआईजी दीपक कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्वयं मौका मुआयना किया गया।जबकि दोहरे हत्याकांड के नामित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वही दोहरे हत्याकांड के बाद जब मृतक बाप बेटी के पोस्टमार्टम के बाद मृतको के शव उनके गांव नगला वलु पहुंचे तो ग्रामीणों ने शव को दफनाने से मना कर दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे अलीगंज के विधायक सत्यपाल सिंह राठौर द्वारा पीड़ित परिवार की हर सम्भव मदद करने के आश्वासन दिया गया।
विधायक के द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद मृतकों के परिजनों ने विधायक के सामने अपनी 7 मांगों को रखा गया। जिनमें पहली मांग यह है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद, गंभीर रूप से घायल फूलश्री का मुफ्त सरकारी इलाज, गाँव के सम्पर्क मार्ग को पक्का कराने, सरकारी आवास व परिवार के एक सदस्य को गन लाइसेंस दिलाने के अलावा सूबे के सीएम योगी से मुलाकात कराने की मांग रखीं गई। जिनमें मौके पर ही 4 मांगों को तुरंत मान लिया गया और अन्य मांगों को भी पूर्ण कराने की सहमति के बाद परिजनों ने शव को दाह संस्कार के लिए ले जाने की बात मान ली गई।
Updated on:
08 Oct 2022 06:27 pm
Published on:
08 Oct 2022 06:26 pm
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