
मुलायम सिंह यादव किडनी इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे
सपा संरक्षक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने आज सोमवार सुबह को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली । तीन बार के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव करीब दो सालों से बीमार चल रहे थे। मुलायम को कुछ दिन पहले रूटीन चेकअप के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर रविवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो डॉक्टरों ने आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था और उन्हें जीवन रक्षक दवाएं दी जा रही थी। उनकी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो सका और उन्हें आज सुबह 8 : 16 पर अंतिम सांस ली ।
बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव किडनी इंफेक्शन, यूरिन इंफेक्शन, सांस लेने में दिक्कत,कम ऑक्सीजन लेबल,लो ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से जूझ रहे थे। इन बीमारियों की वजह से मुलायम सिंह यादव की मौत हो गई ।
किडनी जैसी समस्या आमतौर पर बुढ़ापा में ज्यादा देखने को मिलती है क्यों कि बुढ़ापा में व्यक्ति का अंग ज्यादा संवेदनशील होते हैं और बढ़ती उम्र में ब्लैडर और पेल्विक हिस्से की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। जाहिर है इससे किडनी के कामकाज पर बुरा असर पड़ता है।
आइए जानते हैं इन बीमारियों के बारें में
किडनी इंफेक्शन : गुर्दे का संक्रमण एक खास प्रकार का मूत्र पथ संक्रमण है जो बैक्टीरिया के कारण होता है। आम तौर पर किडनी इंफेक्शन की शुरुआत मूत्रमार्ग से होती है, जो धीरे-धीरे गुर्दे यानी किडनी तक पहुंच जाता है। अगर किसी व्यक्ति को यह बीमारी को हो जाए तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इलाज करवाना चाहिए। नहीं तो उसके जान के खतरे बन सकता है ।
लक्षण क्या है ?
किडनी की बीमारी शुरूआती लक्षण थोड़े दिखते कम हैं लेकिन बाद में ये शरीर को संकेत देने लगते हैं। जैसे कि - पेशाब में खून या मवाद आना,पेशाब करते समय जलन या दर्द ,पेशाब में बहुत अधिक बदबू आना और झाग बनना,जल्दी-जल्दी पेशाब की इच्छा होना, कमर और पेट के निचले हिस्से में दर्द,भूख कम लगना,ठंड के साथ तेज बुखार आना,दस्त या डायरिया होना ।
यूरिन इंफेक्शन : यूरिन इंफेक्शन यानी Urinary Tract Infection (UTI) यह संमस्या पुरुष और महिलाओं दोनों में दिखने को मिलती है लेकिन आज कल महिलाओं में ज्यादा दिखने को मिल रही है। इसका होने का मुख्य कारण कि दफ्तर में ज्यादा देर तक काम करने के दौरान कम मात्रा में पानी पीना जिससे किडनी डैमेज, बार-बार इंफेक्शन होना, यूरेथ्रा नली का छोटा होना जैसी खतरनाक समस्या हो सकती हैं। यूटीआई के अधिकतर मामलों में ब्लैडर और यूरेथ्रा का इंफेक्शन बड़ा कारण होता है।
लक्षण : इसके लक्षण आम हैं जिससे आसानी से पता लगाया जा सकता है जैसे- यूरिन का रंग बदल जाना,यूरिन में ख़राब सा स्मेल आना,बार-बार बुखार आना, टॉयलेट करने के दौरान बहुत जलन होना आदि ।
सांस लेने में दिक्कत: शरीर में सांस लेने वाली कठिनाई की समस्या हृदय की गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। यह दिक्कत आम नहीं है। फेफड़ों या हृदय की समस्याएं गंभीर स्थितियों में जानलेवा हो सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह हार्टअटैक के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। समय रहते ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सांस से संबंधित किसी भी तरह की दिक्कत को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।
लो ब्लड प्रेशर : लो ब्लड प्रेशर को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है। यह तब होता है जब रक्तचाप सामान्य से काफी कम हो जाता है। इसका अर्थ है कि हृदय, मस्तिष्क और शरीर के अन्य भागों में पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। इससे शरीर का ब्लड प्रेशर कम हो जाता है जिसे लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है।
लक्षण: लो ब्लड प्रेशर का शुरुआती लक्षण हैं जैसे - चक्कर आना, आंखों में अंधेरा होना, हाथ पैर ठंडे पड़ना, कुछ पल के लिए बेहोशी, लेटने, खड़े होने पर होने घुमनी होना। ये सब लो ब्लड प्रेशर के शुरूआती लक्षण हैं।
सपा संरक्षक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव इन बीमारियों के शिकार हो गए थे। यह बीमारी ज्यादा उम्र होने पर हो सकती है हांलाकि उनका इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में करीब 2 सालों से चल रहा था जहां पर आज सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली ।
Updated on:
10 Oct 2022 01:34 pm
Published on:
10 Oct 2022 01:33 pm
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