
Hijab Row
Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हिजाब विवाद पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इस विवाद को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है, जिसको लेकर जमियत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक व मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, बिहार में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला का नकाब खींच दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय में आक्रोष देखने को मिल रहा है।
देवबंदी उलेमा कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये बेहद ही निंदनीय घटना है। उन्होंने नीतीश कुमार सार्वजानिक तौर पर माफी मांगने की बात कही और साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला सिर्फ 1 महिला का नहीं है, बल्कि देश की सभी महिलाओं का बन चुका है। महिलाओं की इज्जत, निजता और सम्मान पर यह सीधा हमला हुआ है। आगे उन्होंने कहा, किसी भी महिला के पहनावे में दखल देना न इंसानियत के उसूलों के मुताबिक और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के हिसाब से सही है।
देवबंदी उलेमा ने आगे कहा कि किसी भी महिला के पहनावे पर हाथ डालना, उसके मर्याद के उपर हाथ डालने के बराबर। महिला कुछ भी पहने, वो उसका निजी मामला है, और उसका संवैधानिक अधिकार है। मौलाना ने कहा कि सत्ता में बैठे व्यक्ति ही, ऐसा करेगा, तो कैसे महिलाएं सुरक्षित रहेंगी। साड़ी या बुर्का पहनना महिलाओं को निजी मामला है। इस काम के लिए नीतीश कुमार को महिलाओं और देश के लोगों से माफी मांगना चाहिए। मौलाना ने सवाल उठाते हुए कहा कि, अगर मुख्यमंत्री ही ऐसा करेगा, तो बदमाशों को खुली छूट देने की बात है। ये तो बदमाशों को महिलाओं के साथ ऐसा करने के लिए खुली छूट है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिक ज़िम्मेदारी और इंसानियत के लिए माफी मांगनी, चाहिए कि कोई राजनितीक कारण के वजह से।
Updated on:
16 Dec 2025 10:38 am
Published on:
16 Dec 2025 10:38 am
