
देश के सबसे बड़े राजनीतिक सूबे उत्तर प्रदेश का बजट बुधवार को पेश हुआ। यह योगी सरकार 2.0 का दूसरा बजट है, जो कई मायनों में अहम है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने 1 घंटे 38 मिनट तक विधानसभा में बजट पढ़ा। यह बजट 6 लाख 90 हजार 242.43 करोड़ रुपए का है।
बजट के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जब सदन में शेरो-शायरी की तो योगी और अखिलेश भी मुस्कुरा दिए।
1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी का है लक्ष्य: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पेश होने के बाद सदन के तिलक हॉल में प्रेस कांफ्रेस की। उन्होंने कहा "यह बजट आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में लाया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा यह अमृत काल का प्रथम बजट पेश किया है। यह बजट देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी की ओर ले जाने वाला है।
उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र के वादों पर को ध्यान में रखकर यह बजट लाया गया है। इनमें 130 में से 110 वायदों को समाहित किया गया है। जिनके लिए 64 हजार करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। इस दौरान जब सीएम योगी ने फ्री सिलेंडर देने का एलान किया तो दोनों डिप्टी सीएम भी वहां मौजूद रहे।
"21 एयरपोर्ट होंगे संचालित"
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'यूपी में अभी 9 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। आने वाले समय में प्रदेश में 21 एयरपोर्ट संचलित होंगे।” उन्होंने कहा कि जेवर और अयोध्या में दो नए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन रहे हैं। इससे राज्य में कुल मिलाकर 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हो जाएंगे। जेवर एयरपोर्ट में रनवे की संख्या दो से बढ़ाकर 5 की गई है। इनमें से 16 घरेलू और 5 इंटरनैशनल हवाई अड्डे होंगे।”
"प्रदेश में प्रति व्यक्ति की आय हुई है दोगुनी"
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कांफ्रेस में कहा, “अमृतकाल का जो यह बजट पेश किया गया है। वह 6 लाख 90 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट है। साल 2016 में जो बजट पेश किया गया था, वह 3 लाख 40 हजार करोड़ का था। इस तरह से बजट के दायरे में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। योगी ने दावा किया कि साल 2016 से तुलना करें तो प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय भी दोगुनी हुई है और यूपी की जीडीपी में भी दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।”
यूपी के हर आदमी पर बढ़ रहा है कर्ज
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति की आय दोगुनी हो गई है लेकिन आंकड़े कुछ और बता रहे हैं। लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। साल 2017- 2018 में राज्य सरकार के पास कुल 4.45 करोड़ का कर्ज था, जो वित्तीय वर्ष 2020- 2021 तक करीब 5.65 करोड़ रुपए हो गया। वहीं हर व्यक्ति पर कर्ज की बात की जाए तो इस दौरान 18476 रुपए से बढ़कर करीब 26000 रुपए हो गया। इस समय यूपी के हर नागरिक पर करीब 26000 रुपए का कर्ज है। अगर इस तरह कमाई कम और खर्ज ज्यादा होगा तो कर्ज बढ़ता जाएगा।
कहां से जुटाती सरकार पैसा?
राज्य सरकार मोटे तौर पर करीब 10 तरह के टैक्स लगाती है। आबकारी और निगम जैसे टैक्स राज्य सरकारें निर्धारित करती हैं। राज्य सरकार की कमाई का बड़ा हिस्सा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, खुद के कर यानी स्टेट और सर्विस टैक्स, वैट, निगम टैक्स, भू-राजस्व, स्टांप और जमीन के रजिस्ट्रेशन फीस से आमदनी होती है। नॉन टैक्स रेवेन्यू से भी आमदनी होती है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल पर राज्य सरकार वैट लगाती है।
सरकार कहां पर खर्च करती टैक्स का पैसा?
सरकार इन पैसों का विकास के कामों में खर्च करती है। जैसे सड़क, नाली, खड़ंजा और स्वास्थ्य पर खर्च करती है। इसके अलावा राज्य कर्मचारियों को वेतन भी देती हैं।
बजट में हर वर्ग को साधने की गई कोशिश
हर साल के भांति इस बार के बजट आकार में वृद्धि हुई है। योजना बजट का आकार बढ़ाया गया है। योजनाओं पर काम होने से रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यह कामगारों की आय बढ़ाने वाला साबित होगा।
2017 में योगी सरकार का पहला बजट
साल 2017 में यूपी में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी। सरकार बनने के बाद योगी सरकार का पहला बजट पेश हुआ। यूपी सरकार का कुल बजट 3 लाख 84 हजार करोड़ रुपए का था। इस दौरान बजट में खास 36 हजार करोड़ रुपए कर्जमाफी के लिए आवंटित किए गए थे। ये बजट 2016 के बजट से 10.9 प्रतिशत अधिक था।
2018-19: वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए सरकार ने 4 लाख 28 हजार 384 करोड़, 52 लाख रुपए का बजट पेश किया था। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2017 के सापेक्ष 11.4 प्रतिशत ज्यादा था। यह योगी सरकार का दूसरा बजट था।
2019-20: योगी सरकार ने इस साल 4 लाख 70 हजार 684 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। यह पिछले साल 2018-19 के बजट से 12 फीसदी ज्यादा था।
2020-21: वित्तीय वर्ष 2020-21 में यूपी सरकार ने 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपए का बजट पेश किया था। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले यह बजट 33 हजार 159 करोड़ रुपए ज्यादा का था।
2021-22 : इस सत्र का कुल बजट 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ (5,50,270.78 करोड़ रुपए) का रहा, जबकि 2020-21 में बजट 5.12 लाख करोड़ रुपए का था।
2022-23: दूसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर सीएम योगी का पहला अनुपूरक बजट था। विधानसभा में 33 हजार 700 करोड़ रुपए का यह बजट ध्वनिमत से पारित हुआ था। इसके पहले 23 मई 2022 को 6.15 लाख करोड़ का बजट पेश किया था।
Updated on:
23 Feb 2023 05:59 pm
Published on:
23 Feb 2023 03:23 pm
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