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बारिश और कड़ाके की ठंड के कारण फिर इतने दिनों तक बंद किये गए सभी स्कूल, आदेश जारी, छात्रों को बड़ी राहत

बारिश और कड़ाके की ठंड को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं...

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बारिश और कड़ाके की ठंड के कारण फिर इतने दिनों तक सभी स्कूल किये गए बंद, आदेश जारी, छात्रों को बड़ी राहत

बारिश और कड़ाके की ठंड के कारण फिर इतने दिनों तक सभी स्कूल किये गए बंद, आदेश जारी, छात्रों को बड़ी राहत

ललितपुर. जनपद में पिछले लगभग एक महीने से रुक-रुक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने आम इंसान ही नहीं बल्कि गोवंश के साथ-साथ किसानों की भी मुसीबतों को बढ़ा दिया है। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। वहीं ठंड को देखते हुए ललितपुर में 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। यानी अब यहां स्कूल सोमवार को खुलेंगे। लेकिन अगर मौसम खराब रहा तो छुट्टियां और आगे भी बढ़ सकती हैं। फिलहाल मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बारिश और ठंड का क्रम अभी कुछ दिनों तक जारी रहेगा।

जारी हुए आदेश

ललितपुर जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक शीतलहर एवं अत्याधिक ठंड के कारण दिनांक 17 और 18 जनवरी 2020 को समस्त प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूलों एवं इंटरमीडिएट कॉलेजों में शैक्षणिक कार्य बंद रहेगा। छात्रों का अवकाश रहेगा, परंतु शिक्षक नियत समय पर विद्यालय में उपस्थित होकर अन्य शिक्षणेत्तर कार्यों का संपादन करेंगे।

फसलों को नुकसान

इसके साथ ही पिछले सप्ताह जनपद में हुई ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान हुआ था। जिसको लेकर किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग भी की थी। रुक-रुक कर हो रही बारिश से फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही लगातार कोहरा छाने से दलहन की फसलों में भी कीड़ा लगने का संकट मंडरा रहा है। इसके साथ ही बाजारों में बिकने वाली सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं।

इंसान के साथ ही जानवर भी परेशान

बारिश के चलते पूरा जनपद कड़ाके की शीतलहर की चपेट में है और इस कड़ाके की ठंड ने इंसान ही नहीं बल्कि जानवरों को भी प्रभावित किया है। गौशालाओं में बंद गोवंश को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में कई ऐसी अस्थाई गोशालाएं संचालित हैं, जिनमें संरक्षित गोवंशों के सिर छुपाने के लिए छत भी नहीं है। वह खुले मैदान में विचरण कर रहे हैं। जिससे होने वाली बारिश और कोहरे से वह लगातार प्रभावित रहते हैं। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई गोशालाओं में आधा सैकड़ा से अधिक गोबशों की मौत की भी खबरें हैं। हालांकि शासन की नीति के अनुसार गोशालाओं में गोवंशों के लिए गौ-कोट की व्यवस्था भी की गई है। जनपद में लगभग 100 गौ-कोट भी बांटे गए हैं। मगर वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। जहां हजारों की तादाद में गोवंश गौशाला में बंद हों तो वहां केवल एक सैकड़ा गौ-कोट कोई मायने नहीं रखते।

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