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वाराणसी पुलिस की बड़ी कामयाबीः1.87 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत 4 ठग मुंबई से गिरफ्तार

टैक्स में छूट दिलाने के नाम पर वाराणसी के रेशम फर्म के मैनेजर संग हुई 1.87 करोड़ रुपए की ठगी मामले में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाराणसी पुलिस ने ठग गिरोह के सरगना समेत 4 ठगों गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही ठगी की सारी रकम भी बरामद कर ली है।

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वाराणसी पुलिस की गिरफ्त में अंतर्राज्यीय गिरोह के ठग

वाराणसी पुलिस की गिरफ्त में अंतर्राज्यीय गिरोह के ठग

वाराणसी. रेशम फर्म के मैनेजर के साथ हुई 1.87 करोड़ रुपये की ठगी मामले में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पुलिस ने इस प्रकरण में ठग गिरोह के सरगना समेत 4 ठगों को गिरफ्तार करने के साथ ही ठगी की रकम भी बरामद कर ली है। इस कामयाबी के जिम्मेदार पुलिस टीम को अब एक लाख रुपये का ईनाम देने की भी घोषणा की गई है।

21 अप्रैल को मामला सामने आया था

बता दें कि गत पिछले सप्ताह ही ठगों के अंतर्राज्यीय गिरोह ने वाराणसी के एक रेशम फर्म के मैनेजर से टैक्स में छूट दिलाने के नाम पर 1.87 करोड़ रुपये ठग लिए थे। 21 अप्रैल को मामला सामने आने पर पुलिस सक्रिय हुई। महज आठ दिन के भीतर पुलिस ने चार ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। पुलिस ने इसमें से तीन को मुंबई तथा एक को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। इन सभी गिरफ्तार ठगों के पास से 1.87 करोड़ रुपए, आठ एटीएम कार्ड, सात मोबाइल और आधार कार्ड जैसे परिचय पत्र बरामद किए गए हैं।

ये भी पढें- टैक्स में छूट दिलाने के नाम पर वाराणसी में रेशम फर्म मैनेजर से दो करोड़ की ठगी

पुलिस कमिश्नर ने आज किया खुलासा

शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर सतीश ए गणेश ने चारों ठगों को मीडिया के सामने पेश कर मामले का खुलासा किया। साथ ही इस मौके पर उन्होंने बताया कि अंतर्राज्यीय गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम को अपर मुख्य सचिव गृह ने एक लाख रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा भी की।

दिल्ली से मिली ठगी की रकम और मुंबई से ठग
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक आठ दिन तक चले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह की गिरफ्तारी की मुहिम में लूट की पूरी रकम व ठग गिरफ्तार किए गए हैं। ठगों को जहां मुंबई से गिरफ्तार किया गया है वहीं रकम दिल्ली से बरामद की गई है। वाराणसी पुलिस टीम चारों ठगों को मुंबई कमिश्नरेट की सांताक्रूज नाइट कोर्ट से चार दिन की रिमांड पर लेकर बनारस आई है।

ठगों ने रेशम फर्म के मैनेज को अपना नाम तक गलत बताया था
जिन ठगों ने रेशम फर्म के मैनेजर को 1.87 करोड़ का चूना लगाया उन सबों ने अपना नाम भी गलत बताया था। लेकिन वाराणसी पुलिस इन ठगों का सुराग निकालते-निकालते दिल्ली और मुंबई पहुंची और वहीं डेरा डाल दिया। इस बीच तफ्तीश में कई चौंकाने वाले तथ्य पता चले। गिरोह का मास्टरमाइंड (सरगना) पंकज भारद्वाज, मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित महंगे ट्राइडेंट होटल में सुइट बुक करा कर रह रहा था। मुंबई पुलिस कमिश्नरेट के साथ संयुक्त अभियान चला कर वाराणसी पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित चार ठगों को गिरफ्तार किया। इसमें वो दोनो ठग ( कथित यश व अभिषेक) भी शामिल हैं जिन्होंने रेशम फर्म के मैनेजर को ठगा था।

ये हैं अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के गिरफ्तार सदस्य

पंकज भारद्वाज निवासी हरियाणा के हिसार थाना के बाजार खंजाचीयान
रोहन खिची निवासी दिल्ली के प्रशांत नगर थाने के टैंक रोड करोलबाग
तरुन गौतम निवासी दिल्ली के सब्जी मंडी थाने क्षेत्र के मलिकागंज इलाका
सचिन शर्मा राजस्थान के अजमेर का मूल निवासी, फिलहाल दिल्ली के दशरथपुरी में सुकृत अपार्टमेंट रह रहा था

इन पुलिसकर्मियों की बनी थी टीम

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए सर्विलांस प्रभारी अंजनी पांडेय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के दरोगा राजकुमार पांडेय, सूरज तिवारी व बृजेश मिश्र, सुरेंद्र कुमार मौर्य, पुनदेव सिंह, विवेकमणि त्रिपाठी, रामबाबू, जितेंद्र सिंह की टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने सर्विलांस की मदद से अंतरराज्यीय ठग गिरोह के चारों सदस्यों को चिह्नित कर पकड़ा। इसके बाद उनकी निशानदेही पर गाजियाबाद से एक करोड़ 87 लाख रुपए बरामद किया गया।

चारों को भेजा जाएगा जेल
चारों आरोपियों को आज जेल भेजा जाएगा। आरोपियों ने कुबूल किया है कि व इसी तरह से झांसा देकर लोगों को ठगते हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि चारों आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्य भी जल्द ही पुलिस गिरफ्त में होंगे। बताया कि इस गिरोह की जड़ें देश के कई राज्यों में फैली हुई हैं।

ये है प्रकरण

बता दें कि पिछले दिनों दो शातिर ठगों ने रेशम फर्म के मैनेज को टैक्स में छूट दिलाने का झांसा दिया और उनसे दो करोड़ रुपये लेकर भाग निकले थे। उनके साथ दो बाउंसर भी थे। हालांकि दोनों बाउंसरों को तो पुलिस ने उसी दिन पकड़ लिया था। मामले में चेतगंज थाने रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने ठगों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम गठित की।

कमीशन पर तय हुआ सौदा
जानकारी के मुताबिक अकथा चौराहा के पास रहने वाला अंकित शुक्ला की मलदहिया क्षेत्र स्थित एक रेशम फर्म का मैनेजर है। अंकित के साथ उसका रिश्तेदार अश्वनी पांडेय भी वहीं काम करता है। पिछले दिनों अश्वनी की मुलाकात अभिषेक और यश से हुई थी। दोनों ने बताया कि उनकी एक फर्म है जो एकाउंट संबंधी काम करती है। हम दोनों टैक्स में भारी राहत दिलाने का काम करते हैं। उसके बदले में जितना पैसा रहता है उसका एक प्रतिशत कमीशन लेते हैं।

ऐसे रची ठगी की कहानी
अभिषेक और यश के प्रस्ताव से अंकित व अश्विनी प्रभावित हो गए। इसके बाद अभिषेक व यश से पिशाचमोचन क्षेत्र स्थित उनके दो कमरे के ऑफिस में मुलाकात हुई। अंकित ने अभिषेक और यश से दो करोड़ रुपए में टैक्स में राहत दिलाने का प्रस्ताव रखा जिस पर उन्होंने उसे रुपये लेकर अपने ऑफिस बुलाया। अंकित अपने साले अश्वनी के साथ बुधवार को अभिषेक और यश के ऑफिस में पहुंचा तो वहां दो बाउंसर संदीप और सोनू भी मिले। अभिषेक और यश ने बताया है कि दरअसल संदीप और सोनू पैसा गिनने के लिए रखा गया है।

रुपये लेकर पिछले दरवाजे से भाग निकले ठग
अंकित व अश्वनी ने पुलिस को बताया कि वो दोनों यश और सोनू के साथ कमरे में बैठ गए। फिर पहले सोनू और यश कमरे से बाहर निकले। उसके थोड़ी देर बाद अश्वनी ने देखा कि दूसरे कमरे में दो करोड़ रुपए के साथ अभिषेक निकल गया। शक होने पर अश्विनी और अंकित उस तरफ गए तो पाया कि पीछे का दरवाजा खुला हुआ था। इस पर अश्वनी और अंकित ने दौड़ा कर संदीप को पकड़ लिया और पुलिस को सूचित किया।

दोनों बाउंसर दिल्ली से आए थे
संदीप से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दूसरे बाउंसर सोनू को भी पकड़ लिया। दोनों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वो दिल्ली से आए हुए बाउंसर हैं। उन्हें उनकी फर्म ने यहां भेजा था। इससे ज्यादा वो अभिषेक और यश के बारे में नहीं जानते हैं।