
वाराणसी पुलिस ने साइबर ठगों को किया गिरफ्तार, PC- Patrika
वाराणसी: जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने ₹42.5 लाख की ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को झारखंड के धनबाद जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से 3 एक ही परिवार से हैं जिनका पूरा परिवार ही साइबर फ्रॉड में शामिल है। अन्य आरोपियों के बारे में और जानकारियां की जा रही हैं। इस मामले में एक निजी फार्म के एकाउंटेंट ने दिसंबर महीने में शिकायत दर्ज कराई थी जिनके मोबाइल पर 6 महीना पहले आरोपियों ने एपीके फाइल भेज कर उनके खाते से निकासी की थी।
वाराणसी पुलिस की साइबर सेल टीम ने Trojan Aur SMS forwarder Based APK भेजकर ₹42.5 लाख की साइबर ठगी करने वाले गैंग के सरगना सहित 5 आरोपियों को झारखंड के धनबाद जिले से गिरफ्तार किया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के तिवारीपुर के रहने वाले मदन मोहन मिश्रा ने 8 दिसंबर को उनके साथ हुई ठगी के बारे में साइबर सेल को अवगत कराया था। इसके बाद पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सबसे पहले Trojan Aur SMS forwarder Based APK फाइल भेज कर पीड़ित के मोबाइल फोन का एक्सेस ले लेते हैं और इसके माध्यम से बैंक खातों में अनाधिकृत रूप से मोबाइल से इंटरनेट बैंकिंग, यूजर आईडी पासवर्ड और ओटीपी चोरी कर साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। आरोपी खातों में उपलब्ध पैसों को म्यूल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर कैश निकाल लेते हैं।
आरोपियों के पास से मिले ग्राम प्रधान के फर्जी लेटर पैड, मोहर और आधार अपडेशन फॉर्म का अवैध रूप से प्रयोग करते हुए प्रीत व्यक्तियों का आधार का पता बदल दिया जाता है और फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से कई बैंकों में खाता खुलवाया जाता है। इन खातों को अपराध में इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस ने शमीम अंसारी, फखरुद्दीन, नसीम अंसारी, शहाबुद्दीन अंसारी और साहब लाल मरांडी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल, दिल्ली पुलिस द्वारा दी गई 41 सीआरपीसी की 2 नोटिस, ग्राम प्रधान का लेटर पैड और मुहर, ब्लैक आधार अपडेशन फॉर्म, बिना नंबर की एक लग्जरी कार और ₹66000 कैश बरामद हुआ है।
डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि पीड़ित को 6 महीने पहले आरोपियों ने लिंक भेजा था। इसके बाद पीड़ित के खाते से पैसे निकालने शुरू हो गए। इस दौरान पीड़ित बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे तो उन्हें इस बात की जानकारी दिसंबर महीने में हुई, जिसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
Updated on:
11 Feb 2026 07:16 pm
Published on:
11 Feb 2026 07:14 pm
