
बीेेएचयू हॉस्पिटल
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्याल के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए विश्राम करने के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं था। ऐसे में वो इधर-उधर भटकते रहते थे। रात में तो अस्पताल के परिसर के बाहर मैदान में खुले आसमान के नीचे जमीन पर ही रात गुजरानी होती थी। यहां तक कि मरीज की हालत बिगड़ने पर पुकार के बाद भी उन्हें सूचना नहीं मिल पाती थी। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने तय किया है कि आईसीयू के मरीजों के तीमारदार उनके समीप ही रह पाएं। उनके लिए आईसीयू से सटे ही विश्राम गृह बनाया जाएगा।
आईसीयू के ठीक बाहर बनेगा 40 बेड का वार्ड
सर सुंदरलाल चिकित्सालय क्या किसी भी अस्पताल के आईसीयू में मरीज के अलावा और किसी के ठहरने का इंतजाम नहीं होता। बीएचयू अस्पताल के आईसीयू के मरीजों के परिजनों को तो काफी दूर अस्पताल परिसर के बाहर रहना पड़ता है। अक्सर ऐसा भी होता है कि आईसीयू में भर्ती मरीज की हालत बिगड़ने या दवा आदि की जरूरत के वक्त तीमारदारों को पुकार लगाई जाती है पर दूर होने के कारण उन्हें कुछ पता ही नहीं चल पाता था। ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन ने निर्णय किया है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के लिए ठहरने रहने की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। इसके लिए आईसीयू के ठीक बाहर 40 बेड का अलग वार्ड बनेगा। वहां पर रिक्लाइनर बेड रहेगा।
आईसीयू के बेड नंबर के हिसाब से विश्राम गृह के बेड आवंटित होंगे
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक आईसीयू के जिस बेड नंबर पर मरीज भर्ती होगा उसी नंबर से तीमारदार को विश्राम कक्ष में बेड आवंटित किया जाएगा। साथ ही मरीज के बारे में तीमारदारों को लाउडस्पीकर से सूचना दी जाएगी। अगर कोई मरीज की स्थिति गंभीर होती तो उसकी भी जानकारी तीमारदार को उपलब्ध कराई जाएगी।
"सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आईसीयू में तीमारदारों के भी रहने का इंतजाम किया जाएगा। इसकी खातिर आईसीयू के बगल में 40 बेड का अलग से कक्ष बनेगा। हालांकि इसके कक्ष में रहने के लिए निश्चित शुल्क देय होगा। इसका खाका तैयार हो गया है। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा।" प्रो. केके गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक
Published on:
07 Aug 2022 10:14 am
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