7 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुबह-सुबह की सैर आपको इतना बीमार कर सकती है कि…

मर्निगं वॉक की जगह घर में करें योगाभ्यास।

2 min read
Google source verification
शहर का वायुु प्रदूषण स्तर

शहर का वायुु प्रदूषण स्तर

डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी. सेहत को फिट बनाएं रखने में सुबह की ताजा हवा और मॉर्निंग वॉक का काफी योगदान होता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग सुबह टहलने निकलते हैं, जिसमें सभी उम्र के लोग शामिल होते हैं। लेकिन मौसम के बदलाव के साथ ही पर्यावरण में बढ़ रहा वायु प्रदूषण आपको बीमार बना सकता है।

देश की राजधानी में दिवाली के बाद बढ़ा वायु प्रदूषण देश के कई और हिस्सों में भी तेजी से फैल रहा है। इसमें अपना शहर वाराणसी भी शामिल है। ऐसे माहौल में सुबह की हवा ताजी होने की जगह स्मॉग से भरी हुई है जो सेहत के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह है। अगर आप भी मॉर्निंग वॉक पर जाने के आदी हैं तो जरा ध्यान दें और घर पर रहने की समझदारी दिखाएं। यह सलाह है दी क्लाइमेट एजेंडा के सीनियर रिसर्चर धीरज कुमार दबगरवाल की।

सुबह की हवा में घुला जहर
दबगरवाल का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली व वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स लेवल लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही नाक और गले की एलर्जी की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इसके कारण आख-नाक और गले का इंफेक्शन, सांस फूलना, दिल का रोग, फेफड़े का कैंसर, श्वांस संबंधी बीमारियां, अस्थमा, तपेदिक, ह्रदय घात के मरीजो की संख्या लगातार बढती जा रही है।

वॉक की जगह घर करें वर्कआउट
उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ पर्यावर्णीय हवा का होना बहुत जरूरी होता है। लेकिन हवा की संरचना में परिवर्तन होने पर स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो जाता है। वायु-प्रदूषण के परिणाम बहुत घातक हैं, चूंकि वायु का सीधा संबंध धरती पर जीवन से है, इसलिए यह अधिक चिंता का कारण बन रहा है। लोग अशुद्ध वायु में सांस लेकर अनेक प्रकार की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। दबगरवाल की सलाह है कि वॉक पर जाने की जगह घर पर ही योगाभ्यास और वर्कआउट करना सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा। योगाभ्यास के कुछ आसन नॉजल ब्लॉक और फेफडो के इंफेक्शन से बचाव करने में सहायक होंगे। योग इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का भी काम करेगा।

बढ़ रहा है प्रदूषण का लेवल
दबगरवाल का कहना है कि वाराणसी में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम2.5) में तेजी से बढ़त हो रही है। यह मनुष्य के बाल की तुलना में 30 गुना महीन होता है। अधिकतम डाटा पीएम-2.5 और पीएम-10 का 302 (ug/m3) माइक्रोग्राम प्रति-घन मीटर रहा व 238 (ug/m3) माइक्रोग्राम प्रति-घन मीटर रहा।

दिनाक:- 25-नवम्बर -2018

समय- पीऍम-2.5 (ug/m3) पीऍम-10 (ug/m3)
12:00:00 AM- 302- 238
1:00:00 AM- 302- 235
2:00:00 AM- 303- 234
3:00:00 AM-302- 233
4:00:00 AM- 299- 231
5:00:00 AM- 295- 229
6:00:00 AM- 290- 229
7:00:00 AM- 285- 224
8:00:00 AM- 281- 221
9:00:00 AM- 279- 219
10:00:00 AM- 279- 218
11:00:00 AM- 279- 218
12:00:00 PM- 278- 216
1:00:00 PM- 275- 214
2:00:00 PM- 270- 214
3:00:00 PM- 270- 208
4:00:00 PM- 269- 206
5:00:00 PM- 269- 206
6:00:00 PM- 269- 210
7:00:00 PM- 268- 211
8:00:00 PM- 267- 210
9:00:00 PM- 266- 208
10:00:00 PM- 266- 201
11:00:00 PM- 265- 201
12:00:00 AM- 302- 238

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग