
Rajvanti Devi
वाराणसी. इंटरनेशनल वूमेन डे पर ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं, जिनकी कहानी दूसरों के लिए प्रेरणासोत्र बन सकती है। सोनभद्र की राजवंती देवी ने जब मंच से अपनी कहानी सुनायी तो पीएम नरेन्द्र मोदी भी ताली बजाने लगे। अपने भाषण में पीएम मोदी ने महिला की संघर्ष की तारीफ करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के साथ ही न्यू इंडिया का विजन पूरा होगा।
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राजवंती देवी ने बताया कि वह आदिवासी क्षेत्र में रहती है जहां पर रोजगार के साधन बहुत कम है। परिवार में गरीबी थी इसलिए आर्थिक रुप से मजबूत होने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ा। आजीविका अभियान से जुडऩे के बाद उनकी तकदीर ही बदल गयी। राजवंती ने बताया कि मैं बहुत गरीब परिस्थिति में रहती थी। बाद मेें समूह से जुड़ गयी। इसके बाद मुझे समाज में बैठने व बोलने की जानकारी हुई। समूह से जुडऩे के छह माह बाद मेरे समूह के एकाउंट में 15 हजार रुपये आये। इसमे से छह हजार रुपये लोन लेकर बकरी पालन का काम शुरू किया। इससे मुझे आमदानी होने लगी। वर्ष 2016 में मेरा प्रमोशन हुआ और दूसरे गांव व ब्लाक में जाकर समूह व महिलाओं को प्रशिक्षित करने का काम शुरू किया। इससे मुझे 6 से 8 हजार रुपये की आमदानी होने लगी। मेरी आर्थिक स्थिति ठीक हुई तो मैं घर की स्थिति ठीक होने लगी। मेरा आत्मविश्वास बढऩे लगा और आम में अधिक अच्छा काम कर पा रही हूं। राजवंती देवी ने कहा कि पैसा मिलने से मैं अपनी बेटी को कान्वेंट में पढ़ाने के लिए भेज रही हूं। मेरे स्वालंबी होने से परिवार की तस्वीर बदल गयी है। योजना के तहत नि:शुल्क सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त की। अब बच्चों के स्कूल की ड्रेस भी सिलती हूं। दोनों काम करने से मुझे माह में 10 से 15 हजार रुपये की आमदानी हो रही है इसके लिए आजीविका मिशन को बहुत धन्यवाद देती हूं।
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Published on:
08 Mar 2019 07:48 pm
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