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भारत को विश्व गुरु बनाने पर BHU में होगा मंथन, जुटेंगे देश भर के कुलपति

भारत को विश्व गुरु बनाना है एमएचआरडी का लक्ष्य, उसी के निर्देश पर बीएचयू में जुट रहे हैं देश भर के कुलपति-शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक सुधार है प्रमुख लक्ष्य-शिक्षा की दशा व दिशा पर भी होगी परिचर्चा-30 कुलपतियों की सहभागिता की मिल चुकी है मंजूरी

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प्रो सीमा सिंह

प्रो सीमा सिंह

वाराणसी. सर्व शिक्षा की राजधानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय में जुटने जा रहे हैं देश भर के कुलपति। ये सभी भारत को विश्व गुरु बनाने पर करेंगे मंथन। 18 जुलाई से शुरू होने वाले इस चार दिवसीय कुलपति सम्मेलन में मौजूदा भारतीय शिक्षा प्रणाली को और बेहतर करने पर तो चर्चा होगी ही साथ में विभिन्न विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार पर भी मंथन होगा। यह जानकारी सम्मेलन की आयोजक बीएचयू के शिक्षा संकाय की प्रो सीमा सिंह और प्रो अंजलि वाजपेयी ने सोमवार को मिडिया को दी।

उन्होने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन 18 जुलाई को होगा, यह सम्मेलन 21 जुलाई तक चलेगा। इन चार दिनों तक शिक्षण संस्थाओं के बजट, आय के संसाधनों में वृद्धि, बैलेंसिंग एकाउंटिबिलिटी, बेहतर प्रबंधन के साथ बेहतर लीडरशिप डेबपलमेंट, प्लानिंग, स्टूडेंट सपोर्ट सर्विस व प्लेसमेंट, स्टूडेंट्स की समस्याओं का समाधान, छात्रों को तनाव से मुक्ति दिलाने, उनकी क्षमता को पहचान कर उनकी प्रतिभा में निखार, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

प्रो वाजपेयी ने बताया कि सम्मेलन में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर नई शिक्षा के प्रारूप पर भी चर्चा की जाएगी। इसके तहत नई शिक्षा नीति का प्रारूप कैसा हो, उच्च शिक्षा का वैश्वीकरण, विविधता व समावेश जैसे मुद्दे चर्चा का विषय होंगे।

प्रो सिंह ने बताया कि पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षा मिशन (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) का उद्देश्य शिक्षण अधिगम को प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अकादमिक प्रशासकों में क्षमतात निर्धारण करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की संस्तुति पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मिशन की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2014 में की थी। इसका कार्यकाल 20120 तक है।

कार्यक्रम संयोजकों ने बताया कि सम्मलेन में 19 कुलपतियों और पूर्व कुलपतियों ने आने की सहमति प्रदान कर दी है। यहां आने वाले कुलपतियों में ये प्रमुख हैं...

1-प्रो हरि गौतम पूर्व कुलपति बीएचयू व यूजीसी के पूर्व चेयरमैन
2- प्रो पंजाब सिंह, पूर्व कुलपति बीएचयू
3- प्रो वाईसी सिम्हाद्री, पूर्व कुलपति बीएचयू
4- प्रो जीसी त्रिपाठी, पूर्व कुलपति बीएचयू
5-प्रो जीसीआर जायसवाल, कुलपति पाटलीपुत्र, पटना
6- प्रो बंशीगोला सिंह, कुलपति सुंदर लाल शर्मा ओपेन यूनिवर्सिटी, विलासपुर, छत्तीसगढ
7- प्रो दिलीप चंद्र नाथ, कुलपति असोम यूनिवर्सिटी, सिलचर
8- प्रो एसपी सिंह, कुलपति लखनऊ यूनिवर्सिटी
9- योगेश चंद्र दुबे, कुलपति, जगत गुरु राम भद्राचार्य विश्वविद्यालय
10-प्रो परदेसी लाल, कुलपति, नागालैंड विश्वविद्यालय
11- प्रो राजेश सिंह, कुलपति पूर्णिया
12-प्रो जीडी शर्मा, कुलपति बिलासपुर
13- प्रो रजनीश शुक्ल, कुलपति, महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय
14-प्रो यूएस रावत, कुलपति देवसुमन विश्वविद्यालय, उत्तराखंड
15- प्रो नागेश्वर राय,, कुलपति, इग्नू, दिल्ली
16-प्रो हरिकेष सिंह, कुलपति जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा
17- प्रो एसके सिंह, छपरा बिहार
18- प्रो राम मोहन पाठक, कुलपति दक्षिण भारतीय हिंदी प्रचार सभा