डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी
वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद बडे़-बड़े नेताओं का पाला बदल तेजी से शुरू हो गया है। कोई कांग्रेस से भाजपा में तो कोई भाजपा से कांग्रेस में आ रहा। इसी तरह अन्य दलों में भी आने-जाने का सिलसिला चल निकला है। इसी क्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय की बहू अमृता पांडेय ने भी कांग्रेस ज्वाइन कर लिया। वह भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में। अमृता के कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सबसे पहले पत्रिका ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत हैं संपादित अंश…
प्रश्न- सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष की बहू होने के बाद, कांग्रेस ज्वाइन करने के पीछे क्या सोच रही?
उत्तर- मैं शुरू से कांग्रेसी रही, मेरे खून में कांग्रेस है। लिहाजा मैने वक्त का इंतजार किया और पार्टी ज्वाइन कर ली। ये मेरी विचाधारा है।
प्रश्न- भाजपा में रहते भी तो राजनीति की जा सकती थी, तब पद-प्रतिष्ठा भी मिलती?
उत्तर-मैने पद-प्रतिष्ठा के लिए राजनीति को नहीं चुना, मुझे कांग्रेस से जुड़ कर समाज की सेवा करनी है। मुझे लगता है कि यह काम कांग्रेस में रहते हुए कहीं ज्यादा बेहतर ढंग से कर सकती हूं।
प्रश्न- कांग्रेस में कौन ज्यादा प्रेरित करता है, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी?
उत्तर– मेरे लिए दोनों ही प्रेरणा दायक हैं। वैसे फिलहाल प्रियंका गांधी ने ज्यादा प्रेरित किया।
प्रश्न- आपसे प्रियंका गांधी ने भी सवाल किया था कि कांग्रेस ज्वाइन करने से आपके ससुर नाराज तो नहीं होंगे, क्या कहना है?
उत्तर- मना लूंगी, अपने काम से। उन्हें भी मुझ पर गर्व होगा।
प्रश्न- बीते पांच साल में वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के विकास के दावों से कितना सहमत हैं?
उत्तर– नरेंद्र मोदी ने पांच साल के कार्यकाल में सिर्फ पुरानी योजनाओं को अपने नाम किया। पांच साल केवल डेंट-पेंट करने में ही गुजर गए। मुझे तो कहीं कोई काम दिखता नहीं। वह जब-जब आते थे, जहां जाते थे वहां की सड़कें चमचमा जाती थीं, उनके जाते ही वह सब भी जस का तस हो जाता था। मोदी के आने के पहले भी इस बनारस में बहुत कुछ था, बीएचयू का ट्रामा सेंटर, कैंट रेलवे स्टेशन, डीजल रेल इंजन कारखाना आदि।
प्रश्न-आपका मतलब ये कि मोदी ने कुछ अच्छा नहीं किया?
उत्तर– देखिए इनकी पालिसी यह है कि जो काम अच्छा हुआ वह नरेंद्र मोदी का और जहां कुछ गड़बड़ दिखे वो पंडित नेहरू का।
प्रश्न- पांच साल पहले जब नरेंद्र मोदी वाराणसी आए थे तो कहा था, मुझे मां गंगा ने बुलाया है, क्या लगता है इन पांच सालों में कितनी साफ हुईं गंगा?
उत्तर- गंगा मां जैसी थीं पांच साल पहले उससे और गंदी ही हुई हैं। बस प्रधानमंत्री के आगमन के वक्त घाटों की सफाई कर दी जाती थी जो उनके जाते ही जस के तस हो जाते थे। गंगा में कचरा गिरना जारी है। यह देखने मोदी कभी नहीं आए। केवल बड़ी-बड़ी बाते हैं।
प्रश्न-आपके पति क्या करते हैं?
उत्तर- पति अरुण पांडेय शिक्षक हैं। एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में छात्रों को कंपटीशन के लिए तैयार करते हैं।
प्रश्न- आपके निर्णय से सहमत हैं?
उत्तर- पति की ओर मुखातिब हो कर कहा, इन्हीं से पूछ लें।
प्रश्न- अरुण जी, परिवार भाजपा की पृष्ठभूमि वाला और पत्नी कांग्रेस में, क्या आपकी सहमति है?
उत्तर- मुझे लगता है, अगर आपके दिल में जो है उसके प्रति आप ईमानदारी से काम कर सकते हैं। अमृता की पृष्ठभूमि कांग्रेसी है, लिहाजा मुझे लगा कि वह कांग्रेस में बेहतर काम कर सकती हैं, सो इन्हें वो करने दिया जो यह चाहती थीं। मेरी पूरी सहमति है।


