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देवरिया और मुजफ्फरपुर कांड के विरोध में सुलग उठी काशी, यूपी-बिहार के समाज कल्याण मंत्रियों से मांगा इस्तीफा

कांग्रेस नेता श्वेता राय ने कहा, महिला सुरक्षा के विषय पर कलंक है भाजपा सरकार, आप की मांग ऐसे दरिंदों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा 03 माह के अंदर फांसी के फंदे पर झुला देना चाहिए।

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आम आदमी पार्टी का विरोध मार्च

आम आदमी पार्टी का विरोध मार्च

वाराणसी. मुजफ्फरपुर और देवरिया कांड के मुद्दे पर सुलग उठा बनारस। विपक्ष को मिला मौका तो निकल आए सड़क पर। किया जोरदार विरोध प्रदर्शन। शहर से लेकर गांव तक बच्चियों की सुरक्षा के नाम पर भड़क उठा। यहां तक कहा गया कि केवल कानून बनाने तक ही सीमित है ये भाजपा सरकार। कानून को क्रियान्वित करने के वक्त सो जाते हैं भाजपा के लोग। ये लोग सिर्फ नारा देते हैं बेटी बचाओ और आलम है कि देश के हर कोने में रोजाना बेटियों के साथ बलात्कार हो रहा है। अब तो संवासिनी गृह से गायब हो जा रही हैं लड़कियां। यानी बाल सुधार गृह भी सुरक्षित नहीं रहा। वहां भी लड़कियों के साथ शोषण हो रहा है। ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं। इन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकना चाहिए।

बैरवन से मोहन सराय तक निकला आक्रोश मार्च
देवरिया बाल सुधार गृह की लड़कियों से हुये दुराचार एवं अमानवीय कुकृत्य के खिलाफ मंगलवार को भाजपा सरकार में महिलाओं के साथ हो रहे लगातार दुराचार एवं शोषण के खिलाफ बैरवन से मोहनसराय तक आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव श्वेता राय के नेतृत्व निकले आक्रोश मार्च में शामिल महिलाओं ने भाजपा सरकार को जम कर कोसा। जमकर नारेबाजी की। आक्रोश मार्च के बाद मोहनसराय में सभा को संबोधित करते हुये श्वेता राय ने कहा कि भाजपा सरकार में बाल एवं नारी संरक्षण गृहों में बच्चियों एवं महिलाओं की इज्जत एवं अस्मत लूटी जा रही है। भाजपा सरकार में महिला संरक्षण केन्द्र महिला शोषण का केन्द्र बन गया है। महिला सुरक्षा के नाम पर भाजपा कलंक बन गयी है। श्वेता राय ने कहा कि पुरे देश के महिला संरक्षण एवं बाल सुधार गृहों की सुप्रीमकोर्ट के जज की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और देह व्यापार करने वाली संस्थाओं को काली सूची में डालते हुए संचालकों को फांसी देना चाहिए। देवरिया बाल सुधार गृह में अबोध बच्चियों के साथ दुराचार में शामिल चाहे जो भी हो जितना भी बड़े ओहदा पर हो उसे फांसी की सजा होनी चाहिए।


विरोध मार्च में ये थे शामिल
आक्रोश मार्च में बिटना देवी, मंजू पटेल, फूलपत्ती, शकुन्तला, शांति, प्रभावती, उर्मिला, बेला देवी, राधा देवी, ममता पटेल, अनीता, श्यामदुलारी आदि शामिल थीं।

फांसी पर लटका देना चाहिए ऐसे दरिंदों को


इधर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने देवरिया और मुजफ्फरपुर की घटना के विरोध में अम्बेडकर पार्क से काला दिवस मनाते हुए, मौन जुलूस निकाला और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन द्वारा जिलाधिकारी वाराणसी सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह और जिला सचिव जयप्रकाश यादव ने मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि बालिका सरंक्षण गृह में इस प्रकार की घटनाएं बताती है कि सरकारी संरक्षण में बच्चियां असुरक्षित हैं। इन दोनों मामलों में संलिप्त लोगों को, फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा 03 माह के अंदर फांसी के फंदे पर झुला देना चाहिए।

हो निष्पक्ष जांच, प्रभावित बच्चियों की हो देखभाल


जिला प्रभारी आलोक त्रिपाठी जी ने बच्चियों पर लगातार बढ़ते अत्याचार के दोषियों को संरक्षण देने वालों पर भी कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष जानबूझ कर इस तरह के मामलों को दबाने का प्रयास करता हैं। मुजफ्फरपुर की घटना इसका उदाहरण हैं, जहां समाज कल्याण मंत्री के पति का नाम उजागर हुआ है। ग्रामीण अध्यक्ष पल्लवी वर्मा ने प्रदेश के समस्त नारी/बालिका संरक्षण गृह की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग करते हुए, प्रभावित बच्चियों के समुचित देखभाल की मांग की।

यूपी, बिहार के समाज कल्याण मंत्री हों बरखास्त
महानगर अध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने देवरिया और मुजफ्फरपुर की घटना को दुर्दांत बताते हुए , दोनों प्रदेश के समाज कल्याण मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की। मुजफ्फरपुर की घटना की रिपोर्ट 03 माह बाद दर्ज किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि निश्चित तौर पर नीतीश सरकार की पोल खुल गयी हैं। मोहसिना परवीन(प्रभारी उत्तरी विधानसभा) ने देवरिया बालिका शेल्टर होम की घटना के लिए, योगी जी की सरकार को दोषी बताते हुए कहा कि ये कैसे संभव हैं कि एक वर्ष पूर्व जिस संस्था के खिलाफ रिपोर्ट आती हैं और वहां से बच्चियों और महिलाओं को शिफ्ट करने के आदेश की धज्जियां उड़ाई जाती रहीं हों। बगैर मिलीभगत के ये संभव नहीं हैं।

ये थे शामिल

प्रदर्शन में प्रभाशंकर मेहता, राहुल सिंह, अनिता यादव, मोहिनी महेंद्रू, अर्चना श्रीवास्तव, मधु, सुशीला वर्मा, सरोज शर्मा, महफूज हुसैन, ज्योति प्रकाश, फुलेंद्र मौर्या, आकिब खां, रोशन,अखिलेश पांडेय, डॉ. आसिफ, अश्वनी गुजराती, मनीष गुप्ता, सौरभ यादव, विनोद कुशवाहा, राकेश त्रिवेदी, आरए यादव, घनश्याम पांडेय, अल्ताफ अहमद, नदीम, राहुल, राधेश्याम यादव, विष्णु तिवारी आदि सम्मिलित थें।