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Atiq Ahamad Murder : अतीक-अशरफ से पहले भी हो चुकी है UP में पुलिस कस्टडी में मौत, अल्ताफ की मौत पर आज भी है सस्पेंस

Atique Ahmed Murder : अतीक अहमद और अशरफ की मौत के बाद पूरा प्रयागराज सन्नाटे में हैं। प्रदेश में पहले भी कस्टडी में मौत होती रहीं है। योगी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में साल 2017 से लेकर साल 2022 तक उत्तर प्रदेश में पुलिस कस्टडी में 41 लोगों की हत्या हो चुकी है।

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Atique Ahmed

Atiq Ahamad Murder : अतीक-अशरफ से पहले भी हो चुकी है UP में पुलिस कस्टडी में मौत, अल्ताफ की मौत पर आज भी है सस्पेंस

उत्तर प्रदेश में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत के बाद पुलिस पर कई सारे सवाल उठ रहे हैं। साथ ही योगी सरकार की पुलिसिंग पर भी सवालिया निशान खड़ा किया जा रहा है, पर अगर हम उत्तर प्रदेश पुलिस रिमांड की मौत के बारे में बात करें तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में पिछले 20 सालों में 1,888 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई है। वहीं पिछले पांच सालों में उत्तर प्रदेश में 41 मौतें पुलिस कस्टडी में हुई है। इसके अलावा प्रदेश की पुलिस कस्टडी में हुई पांच मौत भी किसी बड़े संस्पेंस से कम नहीं जिसे आज भी लोग याद करते हैं।

कासगंज में कोतवाली लॉकअप में युवक की मौत, आज भी सस्पेंस बरकरार

कासगंज में 9 नवंबर 2021 को युवक अल्ताफ ने लॉकअप के बाथरूम की टोटी में अपनी जैकेट की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद अल्ताफ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया था। इसमें काज ऑफ डेथ में एस्फिक्सिया ड्यू टू एंटी मॉर्टम हैंगिंग लिखा था। युवक के पिता चांद मिया ने पुलिस कस्टडी में मारपीट कर हत्या दो फिट के पाइप में रस्सी से कसने का आरोप लगाया था, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आयी तो उन्होंने केस वापस ले लिया था पर साल 2022 में चांद मिया हाईकोर्ट पहुंचे थे। यहां कोर्ट ने शव को कब्र निकालकर एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर्स से पोस्टमार्टम का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट में यह रिपोर्ट पेश की गयी है। पर अभी यहां सस्पेंस बरकरार है।

सत्रह साल पहले हुआ था रफीक हत्याकांड

कानपुर शहर में सत्राह साल पहले कुख्यात डी-2 गैंग के रफीक की पुलिस कस्टडी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसटीएफ के सिपाही की हत्या के मामले में यूपी एसटीएफ ने उसे कोलकाता से पकड़ा था। वहां से कानपुर लाकर उससे हथियार की बरामदगी के लिए कस्टडी रिमांड ली गयी थी जब उसे जूही यार्ड के पास AK-47 रिकवरी के लिए पुलिस लेकर जा रही थी। उसी दौरान वहां उसे अंधाधुंध गोली चलाकर मार दिया गया था।

आज भी याद किया जाता है मथुरा का राजेश टोंटा हत्याकांड

राजेश टोंटा की मौत मथुरा में पुलिस कस्टडी के दौरान हुई जबा उसे इलाज के लिए अमथुरा जेल से आगरा ले जाया जा रहा था। पुलिस वैन पर ताबड़तोड़ फायरिंग उसे मौत की नींद सुला दिया गया और हमलावर वहां से फरार हो गए। 17 फरवरी 2015 को राजेश टोंटा ने अपने वर्चस्व के लिए उसनेबृजेश मावी की हत्या की थी। जेल में उसकी मुलाकात मावी गिरोह से हुआ और जेल में गैंगवार हुआ जिसमें बंदी अक्षय सोलंकी मौके पर मर गया और घायल राजेश को मथुरा से आगरा ले जाते समय अपराधियों ने अंधाधुंध गोली बरसाकर मौत के घाट उतार दिया।

ट्रेन से जा रहे आरोपी मोहित की हत्या, अभिरक्षा में लगे पुलिस कर्मी ने भी गवाई जान


मथुरा जिले के फरह क्षेत्र में गुरुधाम एक्सप्रेस ट्रेन में पुलिस अभिरक्षा में लेकर जाए जा रहे मोहित की हत्या कर दी गयी। मोहित पर सपा नेत्री की हत्या का आरोप था। इस दौरान उसे लेकर जा रहे सिपाही को भी बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया था और शव को ट्रेन के नीचे फेक दिया था। अक्टूबर 2012 में हुए इस हत्याकांड को आज भी मथुरा वासी बड़े ही चाव से सुनाते हैं।

अतीक और अशरफ को उड़ाया

15 अप्रैल 2023 की रात को प्रयागराज में बड़ी घटना को पुलिस अभिरक्षा में अंजाम दिया गया। जब बेखौफ बदमाशों ने पुलिस की नाक के नीचे से घुसकर अतीक और उसके भाई अशरफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान 17 सिपाहियों को शासन स्तर से निलंबित भी किया गया है। अतीक अहमद की हत्यारोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पकड़े गए तीनों आरोपियों ने मौके पर ही सरेंडर कर दिया था।