
बीेएचयू के आयुर्वेद संकाय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में आयुष मंत्री डा दयाशंकर मिश्र दयालु
वाराणसी. भारत आने वाले विदेशियों के इलाज को जारी होगा आयुष वीजा, ये कहना है प्रदेश के खाद्य सुरक्षा औषधि और औषधि प्रशासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र दयालु का। वो शनिवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय में शुरू 'आयुर्वेद को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने में विज्ञान और तकनीकी का योगदान' विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
केंद्र व राज्य सरकार आयुर्वेद को नई ऊंचाइंयों तक ले जाएगी
दयालु ने कहा कि केंद्र सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। इसके अंतर्गत जो भी विदेशी व्यक्ति भारत में प्राचीन चिकित्सा पद्धति से इलाज कराना चाहेगा उसे ये वीजा जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और यूपी सरकार आयुर्वेद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को कृत संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही आयुर्वेद को आगे बढ़ाने का संकल्प ले चुके हैं।
कोरोना काल में हल्दी, गिलोय और दूध वाला काढ़ा विदेशों में भी खास पेय बना
उन्होने कहा कि कोरोनाकाल में गिलोय, हल्दी, दूध का काढ़ा विदेशों में खास पेय बन गया। इसे कई देशों ने अपना लिया है। कई यूरोपियन देशों के रेस्टोरेंट में ये सर्व किया जाने लगा और लोगों को पसंद भी आया। इसका परिणाम है कि भारत से हल्दी का निर्यात बढ़ा गया। साथ ही तुलसी भी फिर से प्रासंगिक हो गईं।
नेचुरोपैथी को जल्द मिलेगी मान्यता
इस दौरान आयर्वेद में नेचुरोपैथी के कई छात्रों ने मंत्री को शिकायती पत्र देकर आयुष विभाग में पंजीकरण कराने की मांग की। इस पर दयाशंकर मिश्र ने कहा कि इस कोर्स को जल्द ही मंजूर कराएंगे। बता दें कि उत्तर प्रदेश में लगभग दो हजार छात्र नेचुरोपैथी कोर्स में पढ़ाई कर रहे हैं।
मेडिकल ऑफिसर्स को दिया गया प्रशिक्षण
इस मौके पर उत्तर प्रदेश में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर्स को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारियों सहित 59 चिकित्साधिकारी और आयुर्वेद महाविद्यालय के 16 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एके त्रिपाठी ने की।
Published on:
30 Apr 2022 03:59 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
