
अतीक अहमद और राजा भैया
वाराणसी. यूपी की सियासत में बाहुबली नेताओं का सिक्का कई दशकों से चलता आ रहा है। पूर्वांचल के कई बाहुबली नेताओं ने कई बार यूपी की सत्ता तय करने में अहम रोल निभाया है । इन बाहुबली नेताओं का इतना दबदबा है कि लोग न्याय के लिए कानून सहारा लेने के बजाए अब भी इनके दरबार में जाते हैं। कुंडा के बाहुबली विधायक राजा भैया और पूर्व सांसद अतीक अहमद राजनीतिक प्रतिद्वंदी के तौर पर जाने जाते हैं।
राजा भैया का जहां पूर्वांचलों के वोटरों पर खासा प्रभाव माना जाता है खासकर कट्टर हिंदूवादी लोग राजा भैया को खुलकर सपोर्ट करते है, वहीं अतीक अहमद का प्रभाव मुसलमान वोटरों पर है। हाल ही फूलपूर में हुए उपचुनाव में अतीक अहमद को हराने के लिये राजा भैया ने अपने समर्थकों की फौज उतार दी थी ।
सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो एक बार फिर वायरल हो रहा है, जिसमें अतीक अहमद ने राजा भैया के गढ़ में जाकर उन्हें खुली चुनौती दी थी। प्रतापगढ़ के इस वीडियो में अतीक अहमद ने कह रहे हैं कि यह इलाका राजा रानी के नाम से जाना जाता है और इसे यहां की जनता ही इसे जन्म दिया है। अतीक अहमद ने कहा कि राजा- रानी का राज खत्म होना चाहिये, क्योंकि राजा- रानी बैलेट पेपर से पैदा होता है।
Published on:
15 Oct 2018 09:57 pm
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