
फाइल फोटो, Pc-Patrika
LBS Airport Varanasi: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार के साथ ही वहां की सुरक्षा व्यवस्था का स्वरूप भी बदलने की तैयारी की जा रही है। नए और विस्तारित हवाई अड्डे में लंदन के हिथ्रो और दुबई एयरपोर्ट की तरह स्मार्ट सर्विलांस, बायोमेट्रिक पहचान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी जैसी तकनीक, ऑटोमेटेड स्क्रीनिंग आदि का इस्तेमाल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के विस्तारिकरण के साथ यहां तैनात सीआईएसएफ के जवानों की संख्या में भी कटौती की जाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जल्द ही इसके लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लंदन के हिथ्रो एयरपोर्ट की तरह सभी टर्मिनलों की सुरक्षा में आधुनिक सीसी स्कैनर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही बायोमेट्रिक डिवाइस भी अमल में लाया जाएगा। हिथ्रो की तरह यहां की सुरक्षा और बॉर्डर सिक्योरिटी के लिए बायोमेट्रिक कैमरा और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल होगा। वहीं, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरह स्मार्ट गेट्स लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों की पहचान के साथ ही कुछ सेकंड में इमीग्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। यहां फेस और इरिस रिकॉग्निशन सिस्टम भी लगाया जाएगा और एआई आधारित बॉर्डर कंट्रोल होगा। बताया जा रहा है कि यहां कॉन्टेक्टलेस सिक्योरिटी होगी, इससे यात्री को बार-बार पासपोर्ट या बोर्डिंग पास दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वहीं, अमेरिका के एयरपोर्ट की तरह ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन होगा। सीसी, एक-रे बैगेज स्क्रीनिंग की भी अलग से व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही बॉर्डर स्कैनर भी इंस्टॉल किए जाएंगे। एयरपोर्ट पर विस्फोटक का पता लगाने वाली मशीनों का भी इंस्टॉलेशन किया जाएगा। इस एयरपोर्ट पर काम करने वाले कर्मचारी, एजेंसी और अधिकृत वाहनों के लिए डिजिटल रूप से निगरानी की जाएगी। डिजिटल एक्सेस कंट्रोल, स्मार्ट कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन और निर्धारित क्षेत्र के लिए अलग-अलग अनुमति जैसी व्यवस्थाएं अमल में लाई जाएगी।
सीआईएसएफ की कमांडेंट सुचिता सिंह ने बताया है कि मौजूदा समय में सीआईएसएफ के 450 कर्मचारी एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगाए गए हैं। नई सुरक्षा प्रणाली के तहत अब इनकी संख्या को घटाकर 300 के करीब किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय एक कमांडेंट, तीन असिस्टेंट कमांडेंट, 12 इंस्पेक्टर समेत सब इंस्पेक्टर और अन्य रैंक के कुल 450 कर्मचारी एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात हैं।
सुचिता सिंह के मुताबिक, वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे रडार में आते ही कोई भी संदिग्ध गतिविधि या यात्री तुरंत पकड़ में आ जाएगा। एआई आधारित सर्विलांस और वीडियो एनालिटिक्स को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसे हर कैमरे की स्क्रीनिंग को लगातार देखने की आवश्यकता में कमी आएगी। विस्तारिकरण के बाद विमानों और यात्रियों की संख्या बढ़ाने के साथ एयरपोर्ट का दायरा भी बढ़ जाएगा। विदेशी कनेक्टिविटी भी बढ़ सकती है। मंत्रालय की ओर से सुरक्षा को लेकर नए मानक तय किया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ कर्मियों की संख्या घटने और बढ़ाने दोनों पर बातचीत चल रही है। मंत्रालय की ओर से निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
Updated on:
13 Aug 2026 01:34 pm
Published on:
13 Aug 2026 01:33 pm
