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Temperature of Varanasi: मानसून में बारिश की कमी से काशी के लोग बेहाल हो चुके हैं। प्रचंड गर्मी और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। पिछले एक सप्ताह से काशी में बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। बुधवार को गंगा नदी के जलस्तर में 17 सेंटीमीटर की गिरावट देखी गई। पिछले साल की अपेक्षा जलस्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, गंगा के जलस्तर में गिरावट को देखते हुए एक बार फिर से जिला प्रशासन ने गंगा नदी में नाव के संचालक को मंजूरी दे दी है, जिससे नाविकों के चेहरे खिल उठे हैं।
वाराणसी में वरुणा और गंगा के जलस्तर में पिछले दिनों बढ़त दर्ज की गई थी। सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर 63.78 मीटर जबकि वरुणा का जलस्तर 68.43 मीटर दर्ज किया गया था, लेकिन 2 दिन के बाद ही जलस्तर में कमी देखने को मिली है। वरुणा नदी का जलस्तर 68.50 मीटर तक पहुंच चुका है। गंगा वैज्ञानिक कृपाराम के मुताबिक, वरुणा का क्षेत्रफल कम होने के कारण पानी ज्यादा लगता है, जबकि ऐसा नहीं है। गंगा का क्षेत्रफल और गहराई भी अधिक है। उन्होंने बताया कि इस बार पिछले साल के मुकाबले कम बारिश हुई है, इसलिए जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। यदि मानसून एक बार फिर से सक्रिय होता है और बारिश होती है तो दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
गुरुवार को वाराणसी में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि हवा की रफ्तार 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रही। नमी भी 74 प्रतिशत दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में यहां बारिश की संभावना बन रही है। लगातार उमस और गर्मी से काशी वासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग की मानें तो 16 अगस्त तक वाराणसी और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना बन रही है। मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के कारण यहां बारिश होने का अनुमान है।
उधर गंगा नदी के जलस्तर में कमी को देखते हुए एक बार फिर से जिला प्रशासन ने नाव संचालन को मंजूरी दे दी है। बीते दिनों गंगा का जलस्तर में बढ़ोतरी होने के कारण जिला प्रशासन ने इस पर रोक लगा रखी थी, हालांकि प्रशासन ने संबंधित विभागों से नदी में लगातार पेट्रोलिंग बढ़ाने की बात कही है। वहीं, गंगा के जलस्तर में कमी होने के बाद भी 84 घाटों का आपसी संपर्क टूटा हुआ है। जलस्तर में यदि इसी तरह से कमी होती रही तो जल्द ही घाटों पर अवगमन सामान्य हो सकता है।
Updated on:
13 Aug 2026 02:30 pm
Published on:
13 Aug 2026 02:30 pm
