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भारत का पहला शहर होगा बनारस, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बनेगा रोप-वे

रोप-वे के लिए बनने वाले सभी स्टेशन पर काशी की कला, धर्म और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। रोप वे की ट्रॉली पर भी काशी का इतिहास देखने को मिल सकता है।

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भारत का पहला शहर होगा बनारस, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बनेगा रोप-वे

भारत का पहला शहर होगा बनारस, जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बनेगा रोप-वे

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में वाराणसी से संसदीय चुनाव जीता। उसी के बाद काशी में विकास के रथ का पहिया तेजी से दौड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मार्च को काशीवासियों को अनोखी सौगात देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री इस दिन भारत के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोप-वे का शिलान्यास करेंगे। यह दुनिया का तीसरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे होगा।


644.49 करोड़ की है परियोजना

कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन ) से गोदौलिया चौराहे तक रोप-वे का संचालन होगा। डबल इंजन की सरकार की इस योजना से काशी विश्वनाथ मंदिर प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट जाना आसान हो जाएगा। ये योजना 644.49 करोड़ की है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री 24 मार्च को करेंगे।


संवर रहा है पूर्वी भारत का गेटवे

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक गोयल ने बताया कि देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोप-वे काशी में चलाया जाएगा। काशी के पुराने इलाकों की सड़के सकरी होने और ट्रैफिक का दबाव निरंतर बढ़ने से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे देशी विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पूर्वी भारत का गेटवे कहे जाने वाले वाराणसी में रोप-वे चारचांद लगाएगा।


लापाज और मेक्सिको के बाद वाराणसी दुनिया का तीसरा शहर

प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनुराग़ त्रिपाठी ने बताया कि बोलीविया देश के लापाज़ और मेक्सिको के बाद विश्व में भारत तीसरा देश और वाराणसी पहला शहर होगा जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोप-वे का इस्तमाल होगा। उन्होंने बताया कि ये पायलट प्रोजेक्ट है और इसका निर्माण स्विट्जरलैंड आधारित कंपनी बर्थोलेट, विश्व समुद्र और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) करेगी ।


50 मीटर की ऊंचाई पर चलेगी 150 ट्राली कार

प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि इस रोप-वे में कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक 5 स्टेशन बनाये जाएंगे। कैंट रेलवे स्टेशन के अलावा काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया स्टेशन होंगे। इसमें 50 मीटर की ऊंचाई पर 150 ट्राली कार एक साथ चलेगी। हर ट्राली में 10 पैसेंजर सवार हो सकेंगे और हर दो मिनट के अंतराल पर ट्रालियां चलेंगी।


एक घंटे में सफर करेंगे 6 हजार लोग

प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनुराग ने बताया कि 3.8 किलोमीटर की दूरी 16 मिनट में तय होगी। एक दिशा में एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकेंगे। यानि 6000 लोग दोनों दिशा से एक घंटे में आ जा सकेंगे। रोप वे का संचालन 16 घंटे होगा। रोप वे 2 साल के अंदर बन कर तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया की भूमि अधिग्रहण ,तार व पाइप शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है।