26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BHU वैज्ञानिक का दावा, काशी और तमिल के पूर्वज एक थे

काशी और तमिल का DNA एक ही है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दावा किया है। बनारस और तमिल के पूर्वज एक ही हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
banaras.jpg

वाराणसी में काशी-तमिल संगमम कार्यक्रम में BHU के एक जीन वैज्ञानी ने दावा किया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जीन वैज्ञानिक प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया, "यह शोध कोई नया नहीं है, बल्कि 2006 से यह चल रहा है।"

चार जीनोम तमिलनाडु के जीनोम की तरह मिले
भारत की जनजातियां कितनी भिन्न हैं, इस पर रिसर्च हो रहा है। इसी कड़ी में काशी के 100 लोगों और तमिलनाडु के 200 लोगों का सैंपल लिया गया। जिसमें काशी के लोगों के चार जीनोम तमीलनाडु के जीनोम की तरह मिले।

ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया, "सवाल पैदा होता है कि चारो जीनोम एक जैसा है, फिर भी काशी और तमिल के लोगों दिखने में अलग कैसे? जीनोम के कमपोनेंट कहीं कम तो कहीं ज्यादा थे, लेकिन हमारे पूर्वजों की तरफ से बना बेसिक कंपोनेंट एक ही है और हमारे पूर्वज भी एक ही रहे।"

उन्होंने बताया, "इस शोध में कुल 75 वैज्ञानिक लगे हुए हैं। कई यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूल के साथ कोलाबरेशन भी किए हुए हैं। आणविक जीव विज्ञान केंद्र (CCMB) हैदराबाद और BHU की टीम इस शोध में मुख्य रूप से है। यह रिसर्च वर्ष 2006 से शुरू हुआ है और अभी भी जारी है।"

अपराधियों का पता भी लगाया जा सकेगा
उन्होंने आगे बताया कि योजना है कि पूरे भारत से एक लाख सैंपल कलेक्ट किए जा सके। आगे जाकर इस डेटा का फोरेंसिक में बहुत बड़ा इस्तेमाल भी होगा। इससे सबसे ज्यादा लाभ क्राइम के विश्लेषण में होगा। पता चल सकेगा कि अपराध करने वाला कहां का है या विक्टिम किस जगह का है?

वहीं इस शोध टीम के सदस्य प्रज्जवल प्रताप सिंह ने बताया, "रिसर्च जनसंख्या के आधार पर किया गया है। साउथ इंडियन और नार्थ इंडियन गंगेटिक प्लेन के DNA का एनालिसिस किया। जिसमें मिला कि दोनों ही जगहों के पूर्वज एक समान थे। बेसिन जेनेटिक सेम है।

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग