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पूर्वी भारत का गेटवे बनारस अब बनेगा मेट्रोपोलिटन सिटी, नीति आयोग अक्टूबर से शुरू करेगा पायलट प्रोजेक्ट

Varanasi News: पिछले कुछ सालों में पूर्व भारत का गेटवे बना बनारस अब जल्द ही मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित होता नजर आएगा। इसकी कवायद नीति आयोग ने शुरू कर दी है। दिल्ली की तर्ज पर बनारस का विकास होगा।

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Banaras will now become a metropolitan city NITI Aayog will start pilot project from October; Varanasi News

बनारस एनसीआर की तरह मेट्रो सिटी मॉडल बनेगा।

Varanasi News: एनसीआर की तर्ज पर नीति आयोग अब वाराणसी के आस-पास के शहरों को विकसित कर इन्हे बनारस के सतह जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी का सपना बुनना शरू कर दिया है। नीति आयोग ने जौनपुर, भदोही, गाजीपुर, चंदौली और मिर्जापुर को जोड़कर एनसीआर की परिकल्पना शुरू की है। इसमें वाराणसी को दिल्ली की तरह केंद्र बनाया जाएगा और आस-पास की जिलों में आवास, रोजगार और परिवहन की सुविधा विकसित की जाएगी। अक्टूबर 2023 से इस योजना को धरातल पर उतारने का काम शरू किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर और नीति आयोग की टीम तैयारियों में जुटी हुई है।

मेट्रो और बसों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
नीति आयोग के अधिकारियों के अनुसार मुंबई, सूरत, विशाखापत्तनम के साथ ही काशी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चुना है। ऐसे में वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के 6 जिलों के बीच कनक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मेट्रो परियोजना की योजना बनाई गयी है। इसमें वाराणसी के बाहरी हिस्सों को कनेक्ट करते हुए 6 जिलों में मेट्रो का परिचालन होगा। । इसके साथ ही इन जिलों को इंटर कनेक्ट करते हुए सिटी बसों का संचालन भी कराया जाएगा।

यहां तलाशी जाएंगी व्यावसायिक विकास की संभावना
नीति आयोग और शासन की टीम रिंग रोड, प्रयागराज-वाराणसी हाइवे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे सहित अन्य राष्ट्रीय मार्गों एक किनारे आवासीय एवं व्यावसायिक विकास की संभावनाएं तलाश करेगी। कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि नीति आयोग ने वाराणसी के समग्र विकास की योजना पर काम शुरू किया है। वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के छह जिलों को जोड़कर एनसीआर की तर्ज पर वाराणसी को विकसित करने की योजना है। इसके लिए नीति आयोग और शासन की संयुक्त टीम का गठन हो गया है। अगले पांच दशक की विकास संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।

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सुबह आएं शाम में लौट जाएं घर
एनसीआर के तर्ज पर वाराणसी को विकसित किया जाएगा। यहां रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि आस-पास के जिलों के लोग सुबह आएं और शाम को घर लौट जाएं। इसके लिए कनेक्टिविटी सुद्र्ण की जा रही है। इसके अलावा इन 6 मुख्य बिंदुओं पर अभी नीति आयोग की टीम काम शुरू करेगी।

1 - जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही से बनारस के बीच तेज रफ्तार ट्रेनों का संचालन
2 - वृहद बनारस में हाईवे के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और बड़े उद्योगों को आमंत्रण
3 - हैंडीक्राफ्ट, जीआई उत्पादों सहित पूर्वांचल के उत्पादों के लिए ट्रेड सेंटर की स्थापना
4 - रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए ऑटोमोबाइल सहित बड़े उद्योगों की स्थापना
5 - रेल लाइन के किनारों पर लाजिस्टिक पार्क की स्थापना और सुविधाएं विकसित करना
6 - छह जिलों के बीच सिटी बसों का संचालन, बनारस को केंद्र बनाकर रोजगार का सृजन