वाराणसी. हम बुनकरों के दर्द से वाकिफ हैं, बुनकरों के लिये जो किया हमने किया, हम सत्ता में आए तो बुनकरों के सारे दुख दर्द दूर कर देंगे, अब तक बुनकरों को केवल वोट बैंक के नजरिये से देखा गया लेकिन हम उन्हें भारत के विकास के रूप में देखेंगे। तकरीबन हर नेता और सरकारों ने बुनकरों के लिये ऐसी ही बातें कीं हैं। बावजूद इसके आज भी बुनकर बदहाल हैं, बल्कि पहले से ज्यादा बदहाल हो गए हैं। क्या आप जानते हैं कि बुनकरों की बदहाली के पीछे कारण क्या है। छोटी-छोटी वजहें तो कई हैं, पर सरकारों के ने दो ऐसे फैसले किये हैं जिन्होंने बनारस के बुनकरों की कमर तोड़ कर रख दी। इन फैसलों के बाद बनारसी साड़ी का कारोबार फिर कभी अपनी चमक को नहीं पा सका और बुनकर लगातार बदहाल होता गया।