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सरकार की आमद मरहबा के नारों के साथ निकाला गया जुलूसे मोहम्मदी, रात भर चला नातिया कलाम का दौर

Varanasi News: इस्लाम धर्म के आखरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश (जन्मदिन) पर मुस्लिम बहुल इलाकों में जश्न का माहौल है। रात भर नबी की शान में नातिया कलामों का दौर चला। वहीं सुबह जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया।

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Barawafat celebrated in Muslim dominated areas qasida recited in praise of the Prophet

Varanasi News

Varanasi News: पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश बारावफात पर वाराणसी के मुस्लिम इलाकों में उत्सव का माहौल है। रात भर अंजुमनों ने जगह-जगह बनाए गए मंचों पर हजरत की शान में नातिया कलाम अंजुमनों ने पेश किए। इस दौरान अंजुमनों को इनामात से भी नवाजा गया। मुस्लिम बहुल इलाके रौशनी में नहाये हुए हैं। अल सुबह रेवड़ी तालाब से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया है, जो विभिन्न रास्तों से होता हुआ बेनियाबाग कटरा बंसीधर पर बनाए गए सेंट्रल मंच पर पहुंच कर समाप्त होगा। यहां उलेमा मोहम्मद साहब की जिंदगी पर रौशनी डालेंगे। इस दौरान वाराणसी पुलिस भी रात भर मुस्तैद रही और आला अधिकारियों ने पैदल गश्त कर मुस्लिम बंधुओं से मुलाकात की और उन्हें बारावफात की बधाई देते हुए सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

मरकजी यौमुन्नबी कमेटी ने निकाला सबसे पहले जुलूस

हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश का जश्न बुधवार रात से ही शुरू हो गया था। मुस्लिम बहुल इलाकों में मस्जिदों, मजारों और घरों में रौशनी का इंतजाम किया गया था। ऐसे लग रहा था जिसे तारों की बरात जमीन पर उत्तर आयी हो अपने नबी के इस्तेकबाल में। नबी की पैदाइश के जश्न में सबसे पहले मरकजी यौमुन्नबी कमेटी का जुलूस हवा मैदान से पूर्व अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष शकील बबलू की सदारत (अध्यक्षता) में निकाला गया। इसे छोटे-छोटे बच्चे इस्लामिक झंडे लिए चल रहे थे, और नातिया कलाम के साथ सरकार की आमद मरहबा का नारा गुंजायमान हो रहा था। जुलूस सराय हाड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, मस्जिद खुदा बख्श, कुरैशबाग मस्जिद, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां मार्ग होकर बंशीधर कटरा पहुंचा।

नई सड़क, दालमंडी, हड़हा सराय में दिखे तारे जमीन पर

मुस्लिम बहुल इलाकों नई सड़क, दालमंडी, हड़हा सराय, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, पीली कोठी, सरैया, कोयला बाजार, दोषीपुरा, जैतपुरा, बजरडीहा, अर्दली बाजार आदि इलाकों में ऐसा लगा जैसे नबी की आमद के इस्तेकबाल में तारे जमीन पर उतर आए हैं। इन इलाकों में की गई गजब की सजावट नबी की पैदाइश के जश्न में चार-चांद लगा रही थी। दालमंडी में वर्षों से सजाया जा रहा पीतल का गेट इस वर्ष भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

रात भर चला नातिया कलाम का दौर

नबी की आमद पर रात भर मुस्लिम बहुल इलाकों में नातिया कलाम का दौर चला। बच्चों से लेकर बड़ों की अंजुमनों ने नातिया कलाम पेश किया। कमेटियों ने इन्हे इनाम भी दिया। वहीं लगातार मोहल्लों और गलियों में बनाए गए डायस से नबी की शान में नातिया कलाम पढ़े जाते रहे। अर्दली बाजार मेन रोड पर मौलाना शमशुद्दीन की अगुवाई में तकरीर और नातिया मुशायरा देर रात शुरू हुआ जिसमें शायर कलाम पेश करते दिखाई दिए। मध्यरात्रि तक शायरों के कलाम फिजा में खुशबू बिखेरते नजर आएं। यहां नबी की शान में एक से एक उम्दा कलाम गूंजता रहा। पुलिस अधिकारी भी क्षेत्र में भ्रमणशील रहे।