
तुलसी घाट पर बैरिकेडिंग, लगा नगर निगम का चेतावनी बोर्ड
वाराणसी. काशी के तुलसीघाट पर नगर निगम और पुलिस ने मिल कर घाट पर ही जंजीर लगा दिया है। वहां एक बोर्ड भी लगाया गया है जिस पर लिखा है, "सावधान, आगे न जाएं, पानी गहरा है।" लोगों का आरोप है कि वहां पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है। पुलिस नियमित गंगा स्नान करने वालों को स्नान से रोक रही है। यहां तक कि जिनके घरों में गमी पड़ी है और वो तुलसी घाट पर श्राद्ध कर्म कर रहे हैं उन्हें भी दूसरे घाट पर जाने को विवश किया जा रहा है। आरोप ये भी है कि संकटमोचन के महंत प्रो विश्वंभरनाथ मिश्र तक को स्नान से रोका गया। इससे नियमित गंगा स्नान करने वालों में रोष व्याप्त है।
गंगा जल में बैरिकेडिंग की जगह घाट पर जंजीर की बैरिकेडिंग
सामाजिक कार्यकर्ता और असि नदी सहित काशी के कुंडो-सरोवरों की रक्षा को संघर्ष करने वाले रामयश मिश्र का कहना है कि तुलसी घाट पर हाल के दिनों में डूबने की घटना बढ़ी तो नगर निगम ने गंगा जल में बैरिकेडिंग करने की बजाय घाट पर ही जंजीर की बैरिकेडिंग कर दी और नियमित स्नानार्थियों को स्नान से रोक दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन ने तकनीकी का इस्तेमाल कर घाट पर ताला जड़ दिया है।
नगर निगम ने लोगों को डूबने से बचाने के बजाय रोज नहाने वालों पर ही प्रतिबंध लगा दिया
रामयश मिश्र का कहना है कि तुलसी घाट पर आए दिन डूब रहे लोगों को बचाने के लिए नगर निगम के लोगों ने तुलसी घाट पर कुछ ऐसा फॉर्मूला अपनाया की डूब रहे लोगों को बचाने की जगह घाट पर रोज नहाने वाले को ही नहाने से वंचित कर दिया । नगर निगम के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में पूरे घाट को लोहे की जंजीर से घेर दिया है। वहां एक बोर्ड लगा दिया है जिसमें लिखा है कि गहरे पानी में मत जाइए खतरा है। मिश्र का कहना है कि नगर निगम ने लोगों को डूबने से बचाने के बजाय रोज नहाने वालों पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। रामयश मिश्रा नगर निगम के इस फार्मूले को हास्यास्पद करार देते हुए नगर आयुक्त से निवेदन किया है कि वह घाट पर जो लोहे की जंजीर लगाकर घेरेबंदी की गई हैं उसको गंगा जल के अंदर कुछ मीटर की दूरी पर लगाकर उसे चारों तरफ से घेर दें ताकि लोग उसमें ही नहाए और सुरक्षित नहा कर वापस आ जाए।
आसपास के बच्चों का गहरे पानी में स्नान जारी
हालांकि नगर निगम के इस प्रयास के बाद भी आसपास के लोग, खास तौर पर बच्चों का तुलसीघाट पर गहरे पानी में स्नान जारी है।
नगर निगम की टीम करेगी सर्वे
तुलसीघाट पर नियमित गंगा स्नान करने वालों को रोकने का मसला नगर निगम के आला अधिकारियों तक पहुंचा है। लोगों की शिकायत पर सोमवार को नगर निगम के अधिकारी घाट पर जाएंगे। जोनल अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि गंगा में गहराई ज्यादा होने के चलते डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। इससे बचाव के लिए बैरिकेडिंग की गई है। स्नानार्थियों को रोकने की शिकायत की जांच निगम की टीम करेगी।
"नगर निगम का ये कार्य अतार्किक व अव्यवहारिक है। बैरिकेडिंग गहरे पानी में की जानी चाहिए थी तो घाट पर ही जंजीर लगा दिए। अब जंजीर लगाकर श्रद्धालुओं को गंगा स्नान से रोकना सही नहीं।" प्रो विश्वंभर नाथ मिश्र
"किसी को स्नान से नहीं रोका जा रहा। तुलसी घाट क्या किसी घाट पर स्नान पर पाबंद नहीं है। जहां गंगा में गहराई ज्यादा है वहां चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। तुलसी घाट पर स्नान को पहुंचे लोगों को स्नान से रोकने की सूचना नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो उसकी जाच होगी।"- आरएस गौतम, डीसीपी काशी जोन
Published on:
06 Jun 2022 11:20 am
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