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विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य का हुआ शुभारंभ, तीन दिन तक चलेगा आयोजन, पहुंचे एमपी-यूपी के सीएम

चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित तीन दिवसीय महानाट्य कार्यक्रम का बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में उद्घाटन हो गया है। इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे...

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वाराणसी: चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित तीन दिवसीय महानाट्य कार्यक्रम का बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में उद्घाटन हो गया है। इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। इस दौरान दीप प्रजावलित कर तीनों ने औपचारिक रूप से इस कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। यह कार्यक्रम 3 अप्रैल से 5 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा और इसमें विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

यूपी में पहली बार हो रहा आयोजन

जानकारी के मुताबिक, यह आयोजन महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की ओर से कराया जा रहा है, जिसकी शुरुआत महाकाल की आरती से हुई। बताया जा रहा है कि पूरे उत्तर प्रदेश में पहली बार बनारस में इस भव्य महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 200 से अधिक कलाकार पहुंचे हुए हैं।

इस महानाट्य कार्यक्रम में 18 घोड़े, दो रथ, ऊंट, एक पालकी और एक हाथी इसकी प्रस्तुति को जीवंत करेंगे। महानाट्य के लिए 3 मंच बनाए गए हैं। इसमें सिंहासन बत्तीसी, बेताल पच्चीसी और भविष्य पुराण के प्रसंग को दर्शकों के सामने दिखाया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केंद्र इसका सिंहासन है, जिसकी ऊंचाई 27 फिट है।

पद्मश्री भगवती लाल हैं इसके रचयिता

महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर राजतिलक तक की गाथा, उनके आदर्श, न्याय प्रियता, विजय की कथा को तीन दिनों तक प्रस्तुत किया जाएगा। बताया जाता है कि इस महानाट्य को पद्मश्री डॉक्टर भगवती लाल राजपुरोहित ने रचा है। वहीं इसका निर्माण राजेश कुशवाहा और निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है।

वैदिक घड़ी रही मुख्य आकर्षण का केंद्र

इस महानाट्य के लिए 400 से अधिक लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही बड़ी एलइडी स्क्रीन भी लगाई गई है और दो बार आतिशबाजी भी की जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केंद्र वैदिक घड़ी है, जिसे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौपा है। यह घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित है जो सूर्योदय के समय से संचालित होती है और इसमें स्थानीय समय के अनुसार काल की गणना होती है। इस घड़ी में भारतीय स्टैंडर्ड टाइम, पंचाग, विक्रमसंवत और ग्रह जैसी जानकारियां भी प्रदर्शित होंगी। बताया जा रहा है यह घड़ी से काशी विश्वनाथ मंदिर को समर्पित किया जाएगा।