
बसंत पंचमी
वाराणसी. बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 22 जनवरी यानि आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती पृथ्वी पर प्रकट हुई थी। माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी कहा गया है। कहा जाता है कि पृथ्वी पर आकर इन्होंने उदासी को खत्म कर सभी जीव-जन्तु को वाणी दी थी। तबसे ये दिन मां सरस्वती के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
ये है शुभ मुहुर्त
बसंत पंचमी का शुभ मुहुर्त 22 जनवरी 2018 को सुबह 07 बजकर 17 मिनट से शुरू हो जाएगा। यह मुहूर्त करीब 5 घंटे और 15 मिनट तक रहेगा यानी दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर देवी सरस्वती की आराधना का शुभ मुहूर्त समाप्त हो जाएगा।
ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा
स्नान करने के बाद पीले या सफेद कपड़े पहनें। मां सरस्वती की मूर्ति या फोटो उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें। मां को सफेद चंदन, पीले और सफेद फूल चढ़ाएं। पूजा में सरस्वती मंत्र ऊँ ऐं सरस्वत्यै नम: का 108 बार जाप करें। मां सरस्वती की आरती करें। दूध, दही, तुलसी , शहद मिलाकर पंचामृत का प्रसाद बनाएं और भोग लगाएं।
बसंत पंचमी पर जरूर करें ये काम , मिलेगा विशेष लाभ
-माता सरस्वती विद्या की देवी होती हैं इसलिए पढ़ाई करने वाले बच्चों को माता सरस्वती की तस्वीर अपने अध्ययन कक्ष में या टेबल पर रखना चाहिए और पढ़ाई करन से पहले मां का रोज दर्शन करना चाहिए।
-जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है और पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को फल चढ़ाएं। 11 गरीब बच्चों को फल बांटें।
- मां को खुश करने के लिए अपनी पढ़ाई की टेबल पर क्रिस्टल या स्फटिक का ग्लोब रखें और उसे दिन में कम से कम तीन बार अवश्य घुमाएं। तुलसी के 11 पत्ते मिश्री के साथ निगल लें। ध्यान रखें तुलसी के पत्ते चबाना नहीं है।
ये सभी उपाय करने से देवी सरस्वती की कृपा मिलती है और बुद्धि के साथ ही सुख-समृद्धि भी प्राप्त होती है।
Published on:
22 Jan 2018 08:50 am
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