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चन्द्रग्रहण से पहले मंदिरों में शुरू हुआ भजन-कीर्तन, महिलाओं ने बतायी यह बात

सूतक काल लगते ही शुरू हुई पूजा, शाम से ही मंदिरों का कपाट हो चुका है बंद

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Bhajan and kirtan

Bhajan and kirtan

वाराणसी. गुरु पूर्णिमा के दिन मंगलवार को चन्द्र ग्रहण लगने से पहले ही बनारस में पूजा का दौर शुरू हो गया है। पांडेयपुर स्थित काली मंदिर में सूतक लगने के साथ ही महिलाओं ने भजन-कीर्तन शुरू कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि वह पूजा करके भगवान का कष्ट कम करने की कोशिश कर रही है।
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महिलाओं ने बताया कि मंगलवार को मां काली का दर्शन करने हम लोग आते हैं। इस दिन ग्रहण लग रहा है। इसके चलते शाम को चार बजे ही मंदिर का कपाट बंद हो गया है। इसके बाद हम लोग मंदिर में बैठ कर भजन-कीर्तन कर रहे है। भजन के माध्यम से माता रानी, भगवान शिव, साई बाबा, प्रभु हनुमान, भगवान शंकर की पूजा कर रहे हैं। हम लोगों का मानना है कि पूजा करने से भगवान के उपर आया हुआ संकट कम हो जायेगा। भगवान खुद ही हम लोगों का उद्धार करते हैं।
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गंगा घाट पर स्नान करने वालों की उमडऩे लगी भीड़
बनारस के गंगा घाट पर स्नान करने वालों की भीड़ उमडऩे लगी है। चन्द्रग्रहण के बाद लोग गंगा स्नान करते हैं और दान करने के बाद प्रभु के दर्शन करके ही घर को लौटते हैं। काशी के गंगा घाट में रात में लोग जमा होते हैं और ग्रहण के समय तक पूजा-पाठ करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के बाद गंगा स्नान करने से उसका प्रभाव खत्म हो जाता है। शहर में गुरु पूर्णिमा के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु अन्य जिले से आये हैं और दिन में अपने गुरु का दर्शन करने के बाद गंगा स्नान करके सुबह ही वापस लौटेंगे।
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