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जानिये कौन हैं रवि किशन, जिसे भाजपा गोरखपुर लोकसभा सीट से बनाएगी कैंडिडेट

रवि किशन 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। मोदी लहर में रवि किशन को अपने गृह जनपद में महज 40 हजार वोट ही पाए थे।

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Ravi Kishan

रवि किशन

वाराणसी. भोजपुरी सिनेमा का जाना-माना नाम रवि किशन 2014 की मोदी लहर में बुरी तरह हारने के बाद 2019 में एक बार फिर लोकसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमाएंगे। 2014 में जहां वह कांग्रेस के टिकट पर लड़कर बुरी तरह हारे थे वहीं इस बार वह पाला बदल चुके हैं। कभी कांग्रेस में रहे और अब भाजपा नेता रवि किशन शुक्ला अब मोदी रथ पर सवार होकर गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, ऐसा कहा जा रहा है। रवि किशन दूसरे भोजपुरी स्टार होंगे जो गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसके पहले मनोज तिवारी समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़े थे, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार रवि किशन बीजेपी के टिकट पर हैं और योगी आदित्यनाथ गोरखपुर की राजनीति से निकलकर यूपी की राजनीति में दाखिल हो चुके हैं। वह यूपी के मुख्यमंत्री हैं। रवि किशन के जौनपुर से लड़ने की भी अटकलें लगायी जा रही हैं।

कौन हैं रवि किशन

भोजपुरी सिनेमा में एक वक्त वो भी था कि रवि किशन को भोजपुरी फिल्मों का अमिताभ बच्चन कहा जाता था। बचपन से ही एक्टिंग का शौक रखने वाले रवि किशन गांव में होने वाले नाटक में भाग लेते थे। यह उनके पिता पं. श्याम नारायण शुक्ला को पसंद नहीं था। 1990 में रवि किशन जौनपुर छोड़कर मुंबई चले आए। यहां उन्होंने बॉलीवुड में किस्मत आजमायी, लेकिन वहां सफलता न मिलने पर उन्होंने भोजपुरी फिल्मों का रुख किया और सुपर स्टार बने।

फिल्मी सफर

रवि किशन ने भोजपुरी के साथ ही साउथ इंडियन सिनेमा में भी कई फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा बॉलीवुड फिल्में और 175 से अधिक भोजपुरी सिनेमा में काम किया है। तेरे नाम, रावन, एजेंट विनोद और बुलेट राजा जैसी फिल्मों का भी रवि किशन हिस्सा रहे।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

रवि किशन की पत्नी का नाम प्रीती है। उनके चार बच्चे हैं जिनमें तीन बेटियां हैं जिनका नाम रेवा, तनिष्क और इशिता है। बेटे का नाम सक्षम है। रवि किशन के पिता का मुंबई में डेरी का काम था, लेकिन वह बाद में गांव आकर वहीं बस गए। पिता चाहते थे कि रवि किशन डेरी का काम संभालें, पर उनका मन इसमें नहीं लगा। वह रामलीला में रोल करते थे, जो पिता को पसंद नहीं था। उनसे बचने और अपना कैरियर संवारने के लिये वह मुंबई चले गए।

राजनीतिक सफर

रवि किशन ने 2013 में अपनी फिलम जिला गाजियाबाद की पहले शो के दौरान ही मीडिया में आकर कहा था कि वह इस बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और सांसद बनेंगे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर लिया। ऐसा कहा गया कि बॉलीवुड से भोजपुरी सिनेमा में आयी कांग्रेस नेत्री नगमा उन्हें पार्टी में लायीं। इसके बाद वह 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा का चुनाव लड़े, जहां उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। भाजपा के केपी सिंह वहां से जीते जबकि रवि किशन को अपने गृह जनपद में महज 40 हजार वोट ही मिल सके। 2017 विधानसभा चुनाव के पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और अब कहा जा रहा है कि उन्हें गोरखपुर लोकसभा से कैंडिडेट घोषित किया जएगा।