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BHU Hospital जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी और आईसीयू सेवा भी की ठप्प

-BHU Hospital में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल छठवें दिन भी जारी-शनिवार को दोपहर बाद से किसी मरीज को इमरजेंसी में भी नही लिया गया-पुलिस द्वारा गिरप्तार तीनों छात्रों को जमानत मिलने से डॉक्टरों में रोष-जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज और तीमारदार बेहाल

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BHU Hospital

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वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय (BHU Hospital) के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल के छठें दिन शनिवार से इमरजेंसी और आईसीयू की सेवा भी ठप्प कर दी है। शनिवार को इमरजेंसी और आईसीयू में एक भी नए मरीज एडमिट नहीं किए गए।

बता दें कि गत रविवार को सीनियर रेजिडेंट की पिटाई के बाद जूनियर डॉक्टरों सोमवार से हड़ताल पर चले गए। उनकी मांग थी कि हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए। घटना के तीन दिन बाद लंका पुलिस ने तीन छात्रों को गिरफ्तार किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि तीन में से एक बीएचयू का छात्र नहीं है, शेष दो छात्रों को निलंबित कर दिया गया। फिर भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। वो अब एम्स या पीजीआई की तर्ज पर सुरक्षा की मांग करने लगे।

इस बीच सूत्रो का कहना है कि दरअसल 30 अक्टूबर को सीनियर डॉक्टर संग हुई कहासुनी और सोमवार को की गई पिटाई के बाद पहले जूनियर डॉक्टरों ने भी लंका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन बाद में वो पीछे हट गए। इस मामले में बीएचयू अस्पताल की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन बीएचयू अस्पताल प्रशान के एफआईआर के आधार पर धारा 151 के तहत तीनों छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। नतीजतन तीनो को कोर्ट से जमानत भी मिल गई। इसकी जानकारी होने पर जूनियर डॉक्टरों आक्रोशित हो गए।

हमलावर छात्रों को जेल न भेजे जाने से क्षुब्ध जूनियर डॉक्टरों ने एम्स या पीजीआई जैसी सुरक्षा की मांग को लेकर शनिवार सुबह 8 बजे से ही आपात चिकित्सा और सघन चिकित्सा सेवा भी ठप्प करने की घोषणा की थी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत उन्होने शनिवार से इमरजेंसी और आईसीयू सेवा भी ठप्प कर दी।

हालांकि इस मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो ओपी राय ने पत्रिका को बताया कि शनिवार को इमरजेंसी और आईसीयू में किसी नए मरीज को भर्ती नहीं किया गया। लेकिन पहले से जो मरीज हैं उनका इलाज और देखरेक पूर्ववत जारी है।

लेकिन जूनियर डॉक्टरों की छह दिन से चल रही इस हड़ताल के चलते अब अस्पताल धीरे-धीरे खाली होने लगा है। दूर दराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। यहां यह भी बता दें कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय में न केवल बनारस बल्कि समूचे उत्तर भारत से मरीज आते हैं। ऐसे में दूर दराज से किराया भाड़ा लगा कर बनारस पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की हालत ज्यादा चिंताजनक है।

इस बीच बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के जूनियर डॉक्टरों की इस हड़ताल का फायदा आसपास के नर्सिंग होम संचालक जम कर उठा रहे हैं। कारण साफ है कि दूर दराज से आने वाले मरीजों को बीएचयू अस्पताल में ही यह बता दिया जा रहा है कि वो फलां नर्सिंग होम में चले जाएं।