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दुराचार के आरोपी जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर पर गिर सकती है गाज, ईसी की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

दो साल बाद BHU को चांसलर मिलने की उम्मदी जगी, बीएचयू कोर्ट की बैठक में होना है फैसला।

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वाराणसी. दो साल के लंबे इंतजार के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यलाय को चांसल मिलने की उम्मीद जगी है। बता दें कि 2016 में ही चांसलर डॉ कर्ण सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद से यह पद रिक्त पड़ा था। विश्वविद्यालय एक्ट के तहत चांसलर के न होने की सूरत में सारे अधिकार कुलपति में निहित हो गए थे। लेकिन अब चांसलर की नियुक्ति के लिए कवायद शुरू हो गई है। बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय में इस संबंध में बीएचयू कोर्ट की बैठक शुरू हो गई है।

बीएचयू कोर्ट की बैठक सुबह 11 बजे केंद्रीय कार्यालय में शुरू हो गई है। कोर्ट में देश के कोने-कोने से 40 सदस्य शामिल हैं। ये सभी सदस्य कुलाधिपति का चयन करेंगे। आम सहमति नहीं बनी तो चुनाव हो सकता है। चुनाव की स्थिति में ईसी के आठ सदस्यों की भी भूमिका अहम होगी। यहां से चयन के बाद कोर्ट उक्त नाम को राष्ट्रपति के पास भेजेगा, जहां से स्वीकृति के बाद नए कुलाधिपति के नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

बीएचयू कोर्ट की बैठक के साथ ही सोमवार कोही विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद की भी बैठक होगी। ऐसा पहली बार हो रहा है। कार्यकारिणी परिषद में जंतु विज्ञान विभाग की छात्राओं से छेड़खानी करने वाले प्रो एसके चौबे के मसले पर महत्वपूर्ण निर्णय होना है। बता दें कि प्रो चौबे को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब इससे आगे की बड़ी कार्रवाई हो सकती है। संभव है कि विश्वविद्यालय की साख बचाने के लिए उनकी सेवा समाप्त कर दी जाए।


इसके अलावा नियमों की अनदेखी कर आयुर्वेद संकाय के डीन पद पर हुई नियुक्ति के प्रकरण पर भी कार्यकारिणी में चर्चा होगी। बता दें कि आयुर्वेद डीन को बदलने के लिए आयुष मंत्रालय कुलपति को पहले ही पत्र लिख चुका है। इससे पहले सीसीआइएम ने भी स्पष्ट कर दिया है कि नियमों के अनुसार डीन की नियुक्ति नहीं हुई तो आयुर्वेद पाठ्यक्रमों की मान्यता वापस ले ली जाएगी। इसके कारण सैकड़ों भावी डाक्टरों का भविष्य भी संकट में आ सकता है। हालांकि कुलपति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिनियम बदलने के लिए इस मुद्दे को ईसी में शामिल कराया है। ताकि सीसीआइएम के नियमों को कड़ाई से लागू कराया जा सके।


परिषद की बैठक में चार संस्थानों के स्थाई निदेशक का भी लिफाफा खुलने वाला है। इसके साथ ही वर्षों बाद विश्वविद्यालय में रेक्टर की नियुक्ति को भी एजेंडे में शामिल किया है, जिसमें जियोलॉजी विभाग के प्रो. रामाश्रय प्रसाद सिंह के नाम की चर्चा जोरो पर है। परिषद की बैठक शाम को केंद्रीय कार्यालय में ही होगी। वेसे इसमें छोटे-बड़े करीब सवा सौ एजेंडे शामिल किए जाने की चर्चा है।