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संस्कृत व्याकरण में अपना भविष्य देखते हैं BHU गोल्ड मेडलिस्ट अमन

अमन ने पत्रिका से बातचीत में कहा-अभी तो भोपाल से कर रहे शिक्षा शास्त्री- संस्कृत व्याकरण का प्रोफेसर बनने की है इच्छा

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अमन त्रिवेदी

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वाराणसी. संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय (एसवीडीवी) अमन कुमार त्रिवेदी को वर्ष 2019 की समस्त स्नातक परीक्षाओं में सर्वोच्च संचयी ग्रेड प्वाइंट औसत (9.66 सीजीपीए) प्राप्त करने पर चांसलर पदक, स्व महाराजा विभूति नारायण सिंह स्वर्ण पदक तथा शास्त्री (आनर्स) परीक्षा 2019 में प्रथम स्थान पाने पर बी.एचयू पदक से सम्मानित किया गया। अमन ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि वह संस्कृत शिक्षण को ही अपना पेशा बनाना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि 2019 में बीएचयू एसवीडीवी से व्याकरण बीए आनर्स करने के बाद फिलहाल भोपाल स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से बीएड (शिक्षा शास्त्री) कर रहे हैं। उनका एक मात्र लक्ष्य संस्कृत व्याकरण पढाना है। इसी में प्रोफेसर बनना चाहते हैं।

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महोबा के मूल निवासी अमन इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और विभाग के गुरुजनों को दिया। साथ ही बताया कि श्री काशी विश्वनाथ वेद विद्यालय मीरघाट, गुरुकुल में रहकर डॉ उमाकांत शुक्ल गुरु एवं जय कृष्ण दीक्षित गुरु जी, श्री गुरु कार्ष्णि विद्याभवन में वर्तमा में डॉ ब्रज चैतन्य महाराज के सानिध्य में रहकर अध्ययन किया। इन्हें भी इस उपलब्धि काश्रेय है। बताया कि मेरे जीवन में इन सभी की महती कृपा रही। इन सभी ने कदम-कदम पर हौसला बढाया। अब प्रोफेसर बन कर इनकी तमन्मा पूरी करना ही मेरा लक्ष्य है।