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BHU में मरीजों को मिलने जा रही बड़ी सुविधा, डिजिटल कार्ड बनवाने से होंगे कई फायदे, ऐसे उठाएं लाभ…

ऐप के बाद अब डिजिटल कार्ड, सारे खर्च का भुगतान इसी कार्ड, 15 अगस्त को होगा जारी।

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बीएचयू अस्पताल का ऐप

बीएचयू अस्पताल का ऐप

वाराणसी. बीएचयू के सरसुंदर लाल चिकित्सालय में हर दिन कुछ नया होता दिख रहा है। खास बात यह कि यह सब मरीजों और तीमारदारों के लिए है। अस्पताल प्रशासन इस बात के लिए कटिबद्ध दिख रहा है कि किसी भी तरह से यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की दिक्कत न होने पाए। अब तो न पंजीकरण कराने के लिए लंबी लाइन में लगने की जरूरत है, न पंजीकरण से जांच तक के लिए अलग-अलग खिड़की पर पैसा जमा करने की। सब कुछ ऑनलाइन।

बता दें कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रशासन ने एप बना लिया है। उसके बाद अब डिजिटल कार्ड भी बनकर तैयार हो गया है। एप से जहां घर बैठे लोग ओपीडी का नंबर लगवा सकेंगे वहीं डिजिटल कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट होगा। जांच, दवा आदि का जो भी खर्च होगा मरीज इसी के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। डिजिटल कार्ड को मरीज एक निश्चित धनराशि देकर रिचार्ज करा सकेगा। इसके बाद जांच, दवा आदि में खर्च होने के बाद घर जाते समय कार्ड लौटाने पर बची हुई धनराशि वापस मिल जाएगी। डिजिटल कार्ड से उन्हें जांच के लिए काउंटर पर लाइन भी नहीं लगानी पड़ेगी।

यहां यह भी बता दें कि अस्पताल की बहिरंग सेवा के लिए ऑनलाइन नंबर लगवाने के लिए ऐप बनकर तैयार हो गया है। इस व्यवस्था के बाद दूर दराज से बैठे मरीज चिकित्सकों से परामर्श के लिए ओपीडी में नंबर लगवा सकेंगे। अस्पताल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि जगहों से मरीज आते हैं। अब इन मरीजों को पर्ची कटवाने, नंबर लगाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उनकी इसी समस्या के समाधान के लिए अब अस्पताल की व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है।

मालूम हो कि चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजय नाथ मिश्र के निर्देशन में अस्पताल का जो नया ऐप बनवाया गया है उसमें महामना मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगी है। इस ऐप में लॉगिन कर लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में ऐप और डिजिटल कार्ड के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।

ऐप पर रहेगी ये जानकारी
-विभागवार डॉक्टरों के बारे में पूरी जानकारी
-घर बैठे ओपीडी का पंजीकरण कराया जा सकेगा
-एचडीएफसी बैंक के लिंक से पर्चा शुल्क जमा होगा
-आगामी तीन महीने में जांच की सुविधाएं भी रहेगी

कोट-
ऐप और डिजिटल कार्ड की व्यवस्था स्वतंत्रता दिवस पर शुरू होगी। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर इसका उद्घाटन करेंगे।। इस पर अस्पताल और एचडीएफसी बैंक मिलकर काम कर रहे हैं। डिजटल कार्ड बनाने का काम अंतिम चरण में है।-चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजय नाथ मिश्र